लापरवाही बरतने के आरोप में होम्योपैथी निदेशक निलंबित
लापरवाही बरतने के आरोप में होम्योपैथी निदेशक निलंबित
लखनऊ 17 जुलाई (वार्ता) उत्तर प्रदेश सरकार ने स्थानांतरण सत्र शून्य होने के बावजूद डॉक्टरों के ट्रांसफर पोस्टिंग समेत अन्य पदीय दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही बरते जाने के आरोप में निदेशक होम्योपैथी प्रो अरविंद कुमार वर्मा को निलंबित कर दिया है। निलंबन के दौरान उन्हे राजकीय होम्योपैथिक मेडिकल कालेज एवं अस्पताल, गाजीपुर से सम्बद्ध कर दिया गया है।आयुष विभाग के प्रमुख सचिव रंजन कुमार के स्तर से जारी आदेश में कहा गया है कि प्रो वर्मा के खिलाफ प्रेषित प्राथमिक जांच आख्या एवं स्थानांतरण सहित पदीय दायित्वों के निर्वहन में संदिग्ध भूमिका, कर्तव्यनिष्ठा का अभाव एवं भ्रामक तथ्यों को प्रस्तुत कर दिग्भ्रमित करने की प्रवृत्ति तथा शिथिल एवं सवेदनहीन कार्यशैली पाई गई है। जिसके आरोप में प्रो वर्मा को तात्कालिक प्रभाव से निलम्बित करते हुए उनके विरुद्ध विभागीय/अनुशासनिक कार्यवाही करने की संस्तुति की गई है।निलम्बन की अवधि में प्रो वर्मा को वित्तीय नियम संग्रह खण्ड-2. भाग-2 से 4 मूल नियम-53 के प्राविधानों के अनुसार जीवन निर्वाह भत्ते की धनराशि अर्द्धवेतन पर देय अवकाश वेतन की राशि के बराबर देय होगी तथा उन्हें जीवन निर्वाह भत्ते की राशि पर मंहगाई भत्ता यदि ऐसे अवकाश वेतन पर देय है, भी अनुमन्य होगा मगर ऐसे अधिकारी को जीवन निर्वाह भत्ते के साथ कोई मंहगाई भत्ता देय नहीं होगा।
गौरतलब है कि इस बार आयुष समेत जिन विभागों में तबादलों को मंजूरी दी गई, उनमें बड़े पैमाने पर गड़बड़ियां प्रकाश में आई। आयुष विभाग में रसूखदार डॉक्टरों को बचाने के लिए नियम तक मनमाफिक तय कर दिए गए। जिसको देखते हुए मामला विवाद में न आये, इसके लिए सरकार ने स्थानांतरण सत्र शून्य कर दिया। वही इस पूरे मामले को लेकर आयुष राज्यमंत्री डॉ दयाशंकर मिश्र दयालु मुख्यमंत्री से भी मिले थे।

टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें