केजीएमयू को मिली न्यू कॉर्डियोलॉजी विंग की सौगात
केजीएमयू को मिली न्यू कॉर्डियोलॉजी विंग की सौगात
लखनऊ, 14 जुलाई (वार्ता) मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ने सोमवार को किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) में हृदय रोगियों के इलाज के लिए 105 करोड़ की लागत से बनी न्यू कॉर्डियोलॉजी विंग की सौगात दी।यहां पर हृदय रोगियों का आधुनिक और विश्वस्तरीय सुविधाओं से इलाज किया जाएगा। वहीं अब उन्हे हृदय संबंधी समस्या और सर्जरी के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा।केजीएमयू वीसी प्रो. सोनिया नित्यानंद ने बताया कि योगी सरकार स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में निरंतर सुधार और विस्तार कर रही है। इसी के तहत प्रदेश के विभिन्न जिलों में मेडिकल कॉलेजों की स्थापना, प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत लाखों मरीजों को निःशुल्क इलाज की सुविधा प्रदान की जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में केजीएमयू भी अत्याधुनिक सुविधाओं से मरीजों का इलाज करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
कुलपति ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने न्यू काॅर्डियोलॉजी विंग का उद्धाटन किया। इससे लखनऊ के साथ प्रदेशभर के हृदय रोगियों को राहत मिलेगी। अभी तक हृदय रोगियों को इलाज के लिए एसजीपीजीआई, लोहिया संस्थान और लारी कार्डियोलॉजी पर निर्भर रहना पड़ता था, जहां बेड की सीमित उपलब्धता के कारण मरीजों को अक्सर रेफर करना पड़ता था। वर्तमान में लारी कार्डियोलॉजी में मात्र 84 बेड उपलब्ध हैं, जिससे अधिकतर समय सभी बेड फुल रहते हैं। अब नए भवन के शुरू होने से इसमें 92 आईसीसीयू नए बेड जुड़ गए हैं, जिससे कुल क्षमता 176 बेड तक पहुंच गई है।
न्यू कॉर्डियोलॉजी विंग अत्याधुनिक उपकरणों से लैस है। इससे हृदय रोगों की जांच और इलाज पहले से कहीं अधिक सटीक और प्रभावी हो सकेगा। नई कार्डियोलॉजी विंग से लारी और सीटीवीएस विंग पर मरीजों का दबाव कम होगा। हृदय रोगियों को इलाज के लिए अलग-अलग विभागों में भटकना नहीं पड़ेगा। मरीजों को विभिन्न जांचों और एंजियोग्राफी, एंजियोप्लास्टी जैसी जटिल प्रक्रियाओं के लिए लंबा इंतजार से भी छुटकारा मिलेगा।
केजीएमयू की न्यू कार्डियोलॉजी विंग न केवल तकनीकी दृष्टि से अत्याधुनिक है बल्कि यह प्रदेश के अन्य चिकित्सा संस्थानों के लिए एक आदर्श मॉडल भी बनेगी। सीएम योगी की यहां स्थापित तकनीक, उपकरण और कार्यप्रणाली को प्रदेश के अन्य बड़े अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में भी लागू करने की योजना है, जिससे प्रदेश भर में चिकित्सा सेवाओं का एकरूप और सशक्त नेटवर्क तैयार हो सके।

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