स्कूलों के प्रार्थना सभा में पढ़ाया जाएगा फाइलेरिया व एमडीए अभियान
लखनऊ 21 जुलाई (वार्ता) उत्तर प्रदेश में वर्ष 2027 तक फाइलेरिया उन्मूलन के लिए स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग के साथ मिलकर 27 जिलों में सर्वजन दवा सेवन (एमडीए) अभियान चला रहा है।सोमवार को जिला विद्यालय निरीक्षकों (डीआईओएस) और विभिन्न इंटर कॉलेजों के शिक्षकों ने प्रार्थना सभाओं के दौरान छात्रों को फाइलेरिया की रोकथाम के बारे में शिक्षित करने में अपना सहयोग देने का संकल्प लिया। उन्होंने प्रार्थना सभाओं के दौरान दवा खाने की शपथ दिलाने का संकल्प लिया। यह प्रतिबद्धता राज्य फाइलेरिया अधिकारी डॉ. एके चौधरी के नेतृत्व में 300 से अधिक अधिकारियों और शिक्षकों के साथ वर्चुअल बैठक के दौरान व्यक्त की गई।
डॉ. चौधरी ने इस बीमारी के बारे में विस्तार से बताया और 10 अगस्त को एमडीए अभियान के शुभारंभ से दो दिन पहले एक जन जागरूकता रैली के महत्व पर ज़ोर दिया। इस रैली का उद्देश्य छात्रों और अभिभावकों को शिक्षित करना है। उन्होंने स्कूलों और कॉलेजों को 10 अगस्त को परिसर में दवा पिलाने, अभियान की तिथियों को ब्लैकबोर्ड पर प्रदर्शित करने, निबंध और चित्रकला प्रतियोगिताएँ आयोजित करने और कक्षा के व्हाट्सएप ग्रुपों के माध्यम से सूचनात्मक वीडियो साझा करने का भी निर्देश दिया।माध्यमिक शिक्षा के अपर निदेशक जय शंकर श्रीवास्तव ने इस पहल का समर्थन किया और सभी 27 जिलों में इसके प्रभावी कार्यान्वयन के निर्देश दिए। मंगलवार को भी बेसिक शिक्षा अधिकारियों और प्राथमिक विद्यालय के शिक्षकों के साथ इसी तरह की बैठक होगी।
गौरतलब है कि शिक्षा विभाग का सहयोग मिलने से बीते एमडीए राउंड में दवा खाने वाले लोगों की संख्या काफी बढ़ी थी। गौरतलब है कि सरकार के सर्वजन दवा सेवन अभियान के लिए पांच वर्षों तक वार्षिक दवा सेवन आवश्यक है। यह दवा गर्भवती महिलाओं, गंभीर रूप से बीमार रोगियों और एक वर्ष से कम उम्र के बच्चों को छोड़कर सभी के लिए है। यह व्यक्तियों की सुरक्षा करती है और आगे संक्रमण को रोकती है। इसके लक्षण प्रकट होने में 10-15 वर्ष लग सकते हैं, जिससे संक्रमित व्यक्ति अनजाने में बीमारी फैला सकता है।

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