सावन झूला मेले की भव्य शुरुआत, मणिपर्वत पर सिया-संग झूले श्रीराम

अयोध्या, 27 जुलाई (वार्ता) श्रावण मास की शुक्ल पक्ष की तृतीया के पावन अवसर पर रामनगरी अयोध्या में झूला मेले की भव्य शुरुआत हुई। परंपरागत झूलनोत्सव के तहत अयोध्या के प्रमुख मंदिरों से भगवान श्रीराम और माता सीता की शोभायात्राएं मणिपर्वत पहुंचीं।

यहां विशेष रूप से तैयार किए गए झूलों पर श्रीराम और माता सीता को विराजमान कर झूला झुलाया गया। इस दौरान भजन-कीर्तन, ढोल-नगाड़ों और जयकारों से पूरा परिसर भक्तिमय रहा। दोपहर बाद कनक भवन, दशरथ महल, श्रीरामवल्लभाकुंज, हनुमत निवास, मणिराम दास छावनी समेत सैकड़ों मंदिरों से सजी-धजी पालकियों में भगवान के स्वरूपों की झांकियां निकाली गईं। मणिपर्वत परिसर में वृक्षों की डालियों पर झूले सजाए गए थे। आयोजन के दौरान हजारों श्रद्धालु दर्शन को पहुंचे। कार्यक्रम संपन्न होने के बाद शोभायात्राएं अपने-अपने मंदिरों की ओर लौट गईं। करीब 1000 मंदिरों में 12 दिवसीय झूला उत्सव का विधिवत शुभारंभ हो गया है, जो 9 अगस्त तक चलेगा।
श्रद्धालुओं की भीड़ और आयोजनों को देखते हुए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। मेला क्षेत्र को 6 जोन और 29 सेक्टरों में बांटकर फोर्स की तैनाती की गई है। प्रत्येक जोन में वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में पुलिस टीमों को सक्रिय किया गया है। सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन के जरिए निगरानी की जा रही है।
मणिपर्वत पर 1 जोन और 5 सेक्टर बनाए गए हैं। यहां एक अपर पुलिस अधीक्षक, 6 सीओ, 7 एसओ, 15 निरीक्षक, 95 उप निरीक्षक, 250 आरक्षी, महिला पुलिसकर्मी, 2.5 कंपनी पीएसी और 1 कंपनी आरएएफ तैनात है। पूरे झूला मेला क्षेत्र में 6 अपर पुलिस अधीक्षक, 21 क्षेत्राधिकारी, 55 निरीक्षक, 400 उप निरीक्षक, 1100 सिपाही, 50 महिला उप निरीक्षक, 170 महिला सिपाही, 10 कंपनी पीएसी, 1 कंपनी पीएसी बाढ़ राहत, 2 कंपनी आरएएफ, 1 टीम एसडीआरएफ और एटीएस की टीम तैनात की गई है।
मणिपर्वत झूला मेला अयोध्या की प्राचीन परंपरा और धार्मिक पहचान से जुड़ा है। मान्यता है कि इसी स्थान पर माता सीता सावन में झूला झूलती थीं। मणिपर्वत को संजीवनी पर्वत का अंश माना जाता है, जो हनुमान जी लंका से लौटते समय गिरा था। सावन में झूले पड़ने की यह परंपरा अयोध्या में लोक आस्था से जुड़ी रही है। दूसरी मान्यता है कि माता सीता को जो दहेज में आभूषण मणियां मिली थी उसे यहां सुरक्षित रखवा दिया गया था जो बाद में पर्वत में परिवर्तित हो गया।
मेले के दौरान चिकित्सा, पेयजल, शौचालय और स्वच्छता की व्यवस्थाएं की गई हैं। भीड़ प्रबंधन और यातायात नियंत्रण के लिए विशेष टीमें लगाई गई हैं। श्रद्धालुओं की आवाजाही सुचारू रूप से हो इसके लिए बैरिकेडिंग, मार्ग विभाजन और दिशा सूचक बोर्ड लगाए गए हैं।
जिलाधिकारी निखिल टी फुंडे एसएसपी अयोध्या डॉ. गौरव ग्रोवर ने बताया कि पूरे मेला क्षेत्र में चौबीसों घंटे पुलिस बल तैनात रहेगा। भीड़ नियंत्रण, सुरक्षा और निगरानी के लिए सभी आवश्यक उपाय लागू किए गए हैं। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए टीमें तैयार रखी गई हैं।

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

सपा अध्यक्ष को लगता है कि मुसलमान उनकी जेब में हैं: मायावती

हार-जीत से बड़ा है सक्षम बनना

24 जुलाई 2026 को चंद्रमा दिखाई देगा अन्टारेस (ज्येष्ठा नक्षत्र के योगतारा) के पास