दुकानों के विवरण प्रदर्शित करने की याचिका पर केंद्र, राज्यों को सुप्रीम कोर्ट का नोटिस
नयी दिल्ली, 21 जुलाई (वार्ता) उच्चतम न्यायालय ने दुकानों समेत अन्य व्यवसायिक प्रतिष्ठानों के प्रवेश द्वार पर संबंधित मालिकों के नाम और संपर्क विवरण प्रदर्शित करने की मांग वाली एक जनहित याचिका पर केंद्र के अलावा राज्य सरकारों और भारतीय विधि आयोग को सोमवार को नोटिस जारी किया।न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति संदीप मेहता की पीठ ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता और अधिवक्ता अश्विनी कुमार उपाध्याय की याचिका पर यह आदेश पारित किया। उनकी याचिका में उपभोक्ताओं के खरीदे गए उत्पादों के बारे में 'जानने के अधिकार' के तहत दुकान मालिक/विक्रेताओं के विवरण अनिवार्य रूप से प्रदर्शित करने की मांग की गयी है।
शीर्ष अदालत के समक्ष गुहार लगाते याचिकाकर्ता ने केंद्र और राज्यों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिए जाने को कहा है कि प्रत्येक वितरक, डीलर, व्यापारी, विक्रेता और दुकान मालिक संबंधित प्रवेश द्वारों पर पंजीकरण विवरण प्रदर्शित करें। इनमें संबंधित व्यक्तियों के नाम, पता, फोन नंबर और कर्मचारियों की संख्या शामिल होनी चाहिए।
उच्चतम न्यायालय ने पिछले साल कांवड़ यात्रा के दौरान एक अंतरिम आदेश पारित किया था, जिसमें कहा गया था कि दुकान मालिकों/विक्रेताओं को अपनी पहचान उजागर करने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता।
इस बीच, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड सरकारों द्वारा कांवड़ यात्रा मार्गों पर खाद्य विक्रेताओं को अपने बैनरों पर क्यूआर कोड स्टिकर लगाने का निर्देश दिया है, इसके खिलाफ भी शीर्ष अदालत में एक याचिका दायर की गयी है।

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