बिहार में मतदाता सूची में नाम जोड़ने के लिए परेशान लोगों की नहीं सुन रही राज्य सरकार - कांग्रेस
बिहार में मतदाता सूची में नाम जोड़ने के लिए परेशान लोगों की नहीं सुन रही राज्य सरकार : कांग्रेस
नयी दिल्ली, 04 जुलाई (वार्ता) कांग्रेस ने कहा है कि बिहार में मतदाता सूची पुनरीक्षण के चुनाव आयोग के आदेश के बाद से इस सूची में नाम लिखवाने को लेकर अफरा-तफरी का माहौल है लेकिन राज्य सरकार लोगों को राहत देने को तैयार नहीं है।
कांग्रेस महासचिव के सी वेणुगोपाल ने एक खबर का हवाला देते हुए शुक्रवार को कहा कि गांवों में लोगों को मतदाता सूची में नाम लिखवाने के लिए परेशान होना पड़ रहा है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के गांव के एक व्यक्ति के नाम का जिक्र करते हुए खबर में कहा गया है उसके पास वोटर कार्ड, मनरेगा जॉब कार्ड तथा आधार कार्ड है लेकिन वर्ष 2003 की मतदाता सूची में उसका नाम नहीं है इसलिए इस बार की सूची में नाम लिखाने के लिए उसे उन 11 दस्तावेजों के अनुपालन के लिए जूझना पड़ रहा है।
श्री वेणुगोपाल ने कहा कि इस तरह की समस्या का सामना राज्य भर के लोगों को करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि सबसे मुश्किल यह है कि कांग्रेस सहित पूरा विपक्ष मतदाता पुनरीक्षण सूची से जुड़ी दिक्कतों को लेकर चुनाव आयोग को पत्र लिख रहा है और उससे मिल भी रहा है लेकिन आयोग उनकी बात सुनने को तैयार नहीं है।
उन्होंने कहा कि यह सरकार लोगों पर जुल्म ढहाने में माहिर है। मतदाता सूची पुनरीक्षण लाखों मतदाताओं को उनके मताधिकार से वंचित करने की एक भयावह कवायद है।
कांग्रेस नेता ने कहा कि लोग मतदाता सूची में नाम लिखवाने को लेकर परेशान हो रहे हैं और सरकार सुन ही नहीं रही है। उन्होंने कहा,“हम इसे नहीं होने देंगे। उन्हें इस हास्यास्पद कवायद को तुरंत रोकना चाहिए।”
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