कार्बन क्रेडिट फाइनेंस योजना किसानों के लिये बनी अतिरिक्त आय का श्रोत


लखनऊ 10 जुलाई (वार्ता) उत्तर प्रदेश सरकार की कार्बन क्रेडिट फाइनेंस योजना पर्यावरण सरंक्षण के साथ साथ किसानों के लिए अतिरिक्त आय का स्रोत भी बन रही है।

उत्तर प्रदेश में यह योजना द एनर्जी एंड रिसोर्सेज इंस्टीट्यूट (टेरी) के सहयोग से चलाई जा रही है, जिसके तहत वातावरण से एक टन कार्बन डाइऑक्साइड या अन्य ग्रीनहाउस गैसों को अवशोषित करने पर एक कार्बन क्रेडिट प्रदान किया जाता है। किसान इस योजना से प्रत्येक पेड़ से 250 से 350 रुपये की धनराशि प्राप्त कर सकते हैं, जो पेड़ की कीमत के अतिरिक्त आय होगी। यह न केवल किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करेगा, बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी योगदान देगा। केंद्र सरकार ने वर्ष 2070 तक देश को कार्बन न्यूट्रल बनाने का लक्ष्य रखा है और यह योजना उस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है।
अधिकृत सूत्रों ने गुरुवार को बताया कि इस योजना के तहत अब तक 244 लाभार्थी किसानों को 49.55 लाख रुपये की राशि वितरित की जा चुकी है, वर्तमान में 401 किसानों को 25.45 लाख रुपये की धनराशि वितरित करने की प्रक्रिया की शुरूआत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या धाम में पौधरोपण महाभियान कार्यक्रम के दौरान लाभान्वित किसानों को चेक वितरण कर की। कार्बन क्रेडिट फाइनेंस योजना प्रदेश में पर्यावरण संतुलन के साथ किसानों को आय का अतिरिक्त स्रोत भी प्रदान कर रही है।
उत्तर प्रदेश कार्बन क्रेडिट फाइनेंस योजना को लागू करने वाला देश का पहला राज्य है। योजना के प्रथम चरण में गोरखपुर, बरेली, लखनऊ, मेरठ, मुरादाबाद और सहारनपुर मंडलों के किसानों को शामिल किया गया है। इन किसानों द्वारा कृषि वानिकी के तहत किए गए पौधारोपण से अनुमानित 42 लाख 19 हजार 369 कार्बन क्रेडिट अर्जित किए हैं। प्रत्येक कार्बन क्रेडिट के लिए छह डॉलर की दर से हर पांचवें वर्ष में धनराशि का वितरण किया जाता है। अब तक 244 लाभार्थी किसानों को 49.55 लाख रुपये की राशि वितरित की जा चुकी है, जबकि 401 किसानों को 25.45 लाख रुपये की धनराशि वितरण की प्रक्रिया मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चेक वितरित कर शुरू की है।
उन्होंने पौधरोपण महाभियान के दौरान अयोध्या धाम के कार्यक्रम में रामपुर की ममता पाल, सहारनपुर के रमन सिंह और मेरठ के मानपुरी गांव के किसान शिव कुमार को कार्बन क्रेडिट की धनराशि का वितरण कर सम्मानित किया। इसके अतिरिक्त, दुद्धवा टाइगर संरक्षण फाउंडेशन को अग्रिम भुगतान के रूप में 25 लाख रुपये की राशि हस्तांतरित की गई है। दूसरे चरण में इस परियोजना के अंतर्गत देवीपाटन, अयोध्या, झांसी, मिर्जापुर, कानपुर, वाराणसी और अलीगढ़ मंडलों को शामिल किया गया है। जबकि तीसरे और अंतिम चरण में परियोजना का विस्तार पूरे प्रदेश में किया जाएगा।
कार्बन क्रेडिट फाइनेंस योजना के तहत वर्तमान में बरेली मण्डल के बदायुं, पीलीभीत, शहजहांपुर, बरेली जिलों के साथ मुरादाबाद मण्डल के बिजनौर, नजीबाबाद, संभल, रामपुर और मेरठ मण्डल के गाजियाबाद, बागपत, बुलंदशहर, गौतमबुद्ध नगर, हापुड़, रामपुर के ग्रामीण क्षेत्रों के किसानों को चुना गया है। इसके साथ ही गोरखपुर के देवरिया, कुशीनगर,गोरखपुर जिले के अलावा राजधानी लखनऊ के हरदोई, दक्षिणी खीरी, रायबरेली, सीतापुर, उन्नाव जिलों के किसानों को उनके अर्जित कार्बन क्रेडिट की धनराशि प्रदान की जा रही है।

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