यूपी में कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों की विकास दर 14 प्रतिशत से भी अधिक : योगी

लखनऊ 14 अगस्त (वार्ता) मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को विधानसभा में विजन 2047 डॉक्युमेंट्स पर चर्चा में भाग लेते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश ने बीते आठ वर्षों में कृषि क्षेत्र में कई कीर्तिमान स्थापित किए हैं। पिछले आठ वर्षों में उत्तर प्रदेश में कृषि और संबद्ध क्षेत्रों की विकास दर लगातार दहाई में रही है। पिछले तीन वर्षों में कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों की विकास दर 14 प्रतिशत से भी अधिक रही है। यह राष्ट्रीय औसत 9.5 प्रतिशत से 4.5 प्रतिशत अधिक है।

उन्होंने कहा कि यूपी के पास देश की सबसे अधिक सिंचित और उपजाऊ भूमि है। बेहतर बीज, खाद की उपलब्धता और नई तकनीक के कारण खाद्यान्न उत्पादन में यूपी का राष्ट्रीय योगदान अब लगभग 21 प्रतिशत हो गया है, जबकि राज्य के पास देश की केवल 10 प्रतिशत कृषि योग्य भूमि है।
योगी ने कहा कि 1971 में शुरू हुई सरयू नहर राष्ट्रीय परियोजना 50 वर्षों तक अधूरी रही। इसकी शुरुआती लागत 100 करोड़ रुपये थी, जो 2021 तक बढ़कर 10,000 करोड़ रुपये हो गई। डबल इंजन सरकार ने इसे पूरा कर 14 लाख हेक्टेयर भूमि को अतिरिक्त सिंचाई सुविधा दी। 2017 से अब तक 31 प्रमुख सिंचाई परियोजनाएं पूरी हुईं, जिससे 23 लाख हेक्टेयर से अधिक भूमि को पानी मिला।
उन्होंने बताया कि 2024-25 में प्रदेश ने 414.39 लाख मीट्रिक टन गेहूं का उत्पादन किया, जो देश के कुल उत्पादन का 35 प्रतिशत से अधिक है। औसत उपज 40 क्विंटल प्रति हेक्टेयर पहुंची, जबकि कई प्रगतिशील किसानों ने 48-50 क्विंटल तक पैदावार कर ली। चावल में यूपी का योगदान 14.7 प्रतिशत है। दलहन उत्पादन में 46 प्रतिशत और तिलहन में 46.6 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज हुई। तिलहन में राष्ट्रीय योगदान 3.5 प्रतिशत से बढ़कर 7 प्रतिशत और दलहन में 9.5 प्रतिशत से बढ़कर 14.5 प्रतिशत हुआ।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गन्ना उत्पादन 2,453.50 लाख मीट्रिक टन हुआ, जो देश के कुल उत्पादन का 55 प्रतिशत है। 2017 से अब तक किसानों को 2.6 लाख करोड़ रुपये का भुगतान डीबीटी से किया गया, जो 1996 से 2017 के बीच हुए कुल भुगतान से अधिक है। चीनी मिलों को लेकर उन्होंने कहा कि 120 में से 105 चीनी मिलें एक सप्ताह में भुगतान कर रही हैं। एथेनॉल उत्पादन 42 करोड़ लीटर से बढ़कर 177 करोड़ लीटर हुआ और 1.7 लाख युवाओं को रोजगार मिला। मुख्यमंत्री ने बताया कि आलू उत्पादन में यूपी का राष्ट्रीय योगदान 40.7 प्रतिशत , केला में 18.7 प्रतिशत और सब्जियों में 19.3 प्रतिशत है। मत्स्य उत्पादन में भी प्रदेश को राष्ट्रीय पुरस्कार मिला है।
योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत 2.86 करोड़ किसानों को 90,000 करोड़ रुपये सीधे खातों में मिले। एमएसपी पर गेहूं, धान, मक्का, बाजरा और ज्वार की रिकॉर्ड खरीद हुई। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सहभागिता योजना से 26,426 पशुपालकों को 1,500 रुपये प्रति माह प्रति गौवंश की सहायता मिल रही है। 16.35 लाख गौवंश आश्रय स्थलों में रखे गए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के नौ जलवायु क्षेत्रों में 89 कृषि विज्ञान केंद्रों को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित किया जा रहा है। कुशीनगर में महात्मा बुद्ध कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय का निर्माण तेजी से चल रहा है।

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