एसजीपीजीआई में यूपी की पहली ऑटोमेशन लैब का शुभारंभ
लखनऊ 03 अगस्त (वार्ता) उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ स्थित संजय गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान में रविवार को प्रदेश की पहली ऑटोमेशन लैब का उद्घाटन किया गया। यह लैब शीघ्र टेस्ट करने के साथ ही सटीक परिणाम देने में सक्षम है। वहीं प्रदेश की पहली और भारत की सबसे उन्नत प्रयोगशालाओं में से एक है। लैब की क्षमता एक घण्टे में 4000 टेस्ट करने की है।संस्थान के निदेशक प्रो आर के धीमन ने लैब का शुभारंभ किया ,जिसके बाद अब मरीजों को जांच व रिपोर्ट को लेकर लंबा इंतजार नही करना पड़ेगा। इस मौके पर एसजीपीजीआई के निदेशक पद्मश्री प्रो. आर.के. धीमन ने कहा “ अपग्रेडेशन का उद्देश्य रोगी देखभाल में सुधार लाना है। हम यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि हमारे रोगियों को सही समय पर सही निदान मिले।”
इस मौके पर पैथोलॉजी विभागाध्यक्ष प्रो. मनोज जैन ने बताया कि यह उत्तर प्रदेश की पहली और भारत की सबसे उन्नत प्रयोगशालाओं में से एक है। उन्होंने इस बदलाव का नेतृत्व करने के लिए प्रयोगशाला के प्रभारी डॉ. राघवेंद्र की प्रशंसा की।
प्रो. जैन ने कहा कि यह सिर्फ़ लैब का अपग्रेडेशन नहीं है। यह आधुनिक चिकित्सा पद्धति में हमारे बदलाव का प्रतीक है। हमारी लैब अब ज़्यादा तेज़, सुरक्षित और स्मार्ट है। नई टोटल लैब ऑटोमेशन द्वारा संचालित है,जिसे प्रयोगशाला प्रौद्योगिकी में वैश्विक अग्रणी, बेकमैन कूल्टर द्वारा विकसित किया गया है। यह स्मार्ट सेटअप प्रति घंटे 4,000 से ज़्यादा परीक्षण कर सकता है, जिसमें नियमित रक्त परीक्षणों से लेकर अत्यधिक विशिष्ट निदान तक, सब कुछ शामिल है।
उन्होंने बताया कि पहले, लैब तकनीशियनों को नमूने खुद तैयार करने, उन्हें छांटने और परीक्षण करने पड़ते थे जिसमे समय लगने के साथ ही गलतियां भी स्वाभाविक थी। अब यह अधिकांश काम रोबोट और मशीनों द्वारा किया जाता है, जिससे अधिक सटीकता के साथ शीघ्र परिणाम सुनिश्चित होते हैं।

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