मुख्यमंत्री योगी ने मनाया योगेश्वर श्रीकृष्ण का प्राकट्योत्सव
गोरखपुर 17 अगस्त (वार्ता) उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री एवं गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ के सानिध्य में पूर्णपरब्रह्म,अघहारी,योगेश्वर भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव का पावन पर्व श्रीकृष्ण जन्माष्टमी शिवावतार महायोगीगोरखनाथ की साधना स्थली गोरखनाथ मंदिर में पारंपरिक श्रद्धा एवं हर्षोल्लास से मनाया गया।
गोरखनाथ मंदिर के उत्सवधर्मी एवं पारंपरिक श्रीकृष्ण प्राकट्योत्सव कार्यक्रम में सम्मिलित होने के लिये मुख्यमंत्री शनिवार रात लखनऊ से यहां पहुंचे। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पवित्र पर्व पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार पूर्वाह्न से मध्य रात्रि तक समस्त योगियों के परमेश्वर माने जाने वाले योगेश्वर श्रीकृष्ण की साधना में रत रहे। पूर्वाह्न उन्होंने प्रभु श्रीकृष्ण की जन्मभूमि मथुरा में जन्मभूमि मंदिर में कान्हा की विधि विधान से आराधना कर प्रदेशवासियों के सुखमय जीवन की प्रार्थना की। शाम को वह लखनऊ पुलिस लाइन में आयोजित श्रीकृष्ण जन्माष्टमी समारोह में सम्मिलित हुए और फिर रात में गोरखनाथ मंदिर पहुंचकर पारंपरिक श्रीकृष्ण जन्मोत्सव समारोह में प्रभु के प्राकट्य अनुष्ठान में लीन रहे।
गोरखनाथ मंदिर पहुंचने पर कल रात मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सबसे पहले गुरु गोरखनाथ का दर्शन पूजन
किया और अपने गुरुदेव ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ की समाधि पर मत्था टेक पुष्पार्चन कियाए उनका आशीर्वाद लिया।
गोरखनाथ मंदिर में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव के पावन उपलक्ष्य में महंत दिग्विजयनाथ स्मृति सभागार में भजन.कीर्तन का
आयोजन किया गया था। मुख्यमंत्री यहां पहुंचे और सुमधुर भजनों का आनंद उठाते हुए राधा.कृष्ण बने बच्चों को
दुलार उन्हें उपहार देते रहे।
मध्य रात्रि गोरखनाथ मंदिर के गर्भगृह में उन्होंने श्रीकृष्ण जन्मोत्सव पर विधि विधान से विशिष्ट पूजा अर्चना की।
रात 12 बजे भगवान श्रीकृष्ण के प्राकट्य के बाद .नंद घर आनंद भयो. जय कन्हैयालाल की और ..श्रीकृष्ण गोविंद
हरे मुरारीए हे नाथ नारायण वासुदेव. की मंगल धुन, सोहर गीत और घंट घड़ियाल की ध्वनि के बीच गोरक्षपीठाधीश्वर
उन्हें गोद में लेकर गर्भगृह से बाहर आए। प्रभु श्रीहरि के बाल स्वरूप लड्डू गोपाल को फूलों से सजे पालने में बैठाकर
श्रद्धाभाव से उन्हें झूला झुलाया और आरती उतारी।
गोरखनाथ मंदिर में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव परंपरागत रूप से धूमधाम से मनाया जाता है। इस अवसर पर मंदिर के महंत
दिग्विजयनाथ स्मृति सभागार में भजन कार्यक्रम सुपरिचित लोक गायक डॉ. राकेश श्रीवास्तव के संयोजन में शाम से
ही शुरू था। दूसरी तरफ श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का मुख्य धार्मिक अनुष्ठान मंदिर के गर्भगृह में रात 11:32 बजे से प्रारंभ हुआ और ठीक मध्य रात्रि भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोपरांत मंगल गीत व प्रसाद वितरण के साथ संपन्न हुआ।
इस अवसर पर मंदिर के प्रधान पुजारी योगी कमलनाथ, वाराणसी से आए जगद्गुरु संतोष दास उर्फ सतुआ बाबा,
गोरखपुर के सांसद रविकिशन शुक्ल, कुशीनगर के सांसद विजय दूबे, भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं एमएलसी डॉ.
धर्मेंद्र सिंह, विधायक विपिन सिंह, प्रदीप शुक्ल, हनुमानगढ़ी अयोध्या से आए राजू दास, कालीबाड़ी के महंत रविंद्र दास आदि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। मध्य रात्रि तक मंदिर परिसर श्रद्धालुओं से खचाखच भरा रहा।
श्रीकृष्ण जन्मोत्सव समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महंत दिग्विजयनाथ स्मृति सभागार में भजन कीर्तन के
मध्य श्रीकृष्ण रूप सज्जा प्रतियोगिता में राधा व कृष्ण बने बच्चों को खूब स्नेह दिया। उनसे खूब हंसी ठिठोली भी की।
उन्हें खिलौने व चॉकलेट उपहार में दिए। इस दौरान कई मासूमों को अपनी गोद में लेकर वह काफी देर तक खिलाते रहे।
प्यार.दुलार करते रहे। भगवान श्रीकृष्ण के प्राकट्य अनुष्ठान से पूर्व योगी गोरखनाथ मंदिर परिसर के रात्रिकालीन
भ्रमण पर निकले। इस दौरान भी उन्होंने परिजनों के साथ श्रीकृष्ण.राधा के रूप में आए बच्चों को खूब दुलारा और
उन्हें उपहार दिया।
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