डेंगू से बचाव के लिए नगर निगम के साथ सड़क पर उतरा स्वास्थ्य विभाग
सीएमओ डॉ राजेश झा ने बताया कि एईएस-जेई के नोडल अधिकारी डॉ वीके श्रीवास्तव, नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ विनय पांडेय, डिप्टी सीएमओ डॉ राजेश, जिला मलेरिया अधिकारी अंगद सिंह, नगर निगम के जोनल सैनेट्री ऑफिसर अखिलेश श्रीवास्तव, नगर निगम प्रवर्तन दल और मलेरिया इंस्पेस्टर की टीम ने बृहस्पतिवार को संयुक्त कार्रवाई की। इस दौरान ट्रांसपोर्टनगर क्षेत्र में टायर की दुकानों पर लोगों को डेंगू के प्रति जागरूक किया गया। उन्हें बताया गया कि टायरों में इकट्ठा होने वाले साफ पानी में डेंगू के लार्वा पनपते हैं जो बीमारी के प्रसार का कारक बनते हैं। साथ ही साथ लार्वा धनात्मक टायरों को जब्त भी किया गया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुसार जिले को डेंगू सहित संचारी रोगों से बचाने का व्यापक अभियान शुरू हुआ है। इसी कड़ी में नगर निगम, पंचायती राज विभाग, शिक्षा विभाग, आईसीडीएस सहित अन्य सभी सम्बन्धित विभाग मिल कर अभियान चला रहे हैं। मंडलायुक्त और जिलाधिकारी के दिशा-निर्देशन में सभी विभाग संयुक्त तौर पर जनजागरूकता के साथ साथ आवश्यकतानुसार निरोधात्मक कार्रवाई भी हो रही है । नगरीय क्षेत्र के डेंगू के दृष्टि से संवेदनशील इलाकों में गतिविधियों पर विशेष जोर है।
स्वास्थ्य विभाग लोगों को लगातार डेंगू से बचाव के प्रति लगातार सतर्क कर रहा है। लोगों को बताया जा रहा है कि डेंगू के लक्षण दिखते ही यथाशीघ्र प्रशिक्षित चिकित्सक से जांच और इलाज करवाने पर मरीज घर पर ही ठीक हो जाता है। इलाज में देरी करने और अपने मन से दवाएं खाने से जटिलताएं बढ़ती हैं और कई बार गंभीर अवस्था में मरीज को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ता है।
जिला मलेरिया अधिकारी अंगद सिंह का कहना है कि डेंगू के संक्रमण से बचने के लिए पूरी बांह के कपड़े पहनने चाहिए और अपने घर, कार्यस्थल, दुकान आदि किसी भी जगह पर साफ पानी इकट्ठा न होने दें। कूलर, गमलों, एसी, पशुओं के पात्र, नारियल के खोल आदि की साफ सफाई करते रहें । अगर तेज बुखार, सिरदर्द, आंखों के पीछे दर्द, हड्डियों में दर्द, सुस्ती जैसे लक्षण दिखें तो तुरंत चिकित्सक को दिखाएं, क्योंकि ऐसे लक्षण डेंगू के भी हो सकते हैं। डेंगू जांच की सुविधा सभी सरकारी अस्पतालों पर उपलब्ध है।

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