अक्टूबर से शेष अवतार समेत सभी मंदिरों के होंगे दर्शन
अयोध्या 19 अगस्त (वार्ता) अयोध्या में श्रीरामजन्मभूमि पर स्थित रामलला मंदिर परिसर के परकोटा में शेष अवतार मंदिर के साथ सभी मंदिरों में अक्टूबर माह से श्रद्धालु दर्शन कर सकेंगे।
श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के महासचिव चंपत राय ने बताया कि अक्टूबर के अंत तक वृद्धजनों को राम दरबार राजा राम के दर्शन के लिये लिफ्ट की सुविधा मिलेगी। श्री राम जन्मभूमि में मंदिर निर्माण समिति की दो दिवसीय समीक्षा बैठक के बाद कारसेवक पुरम में पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने बताया कि श्रद्धालुओं को नंगे पैर अधिक दूर न चलना पड़े, इसके लिए परकोटे के पास जूता चप्पल रखने के लिए बिल्डिंग बनकर तैयार हो गई है जिसमें एक साथ 12000 श्रद्धालु अपना जूता चप्पल रख सकेंगे। पूरे दिन में एक लाख श्रद्धालुओं की क्षमता का यह भवन बनाया गया है। उन्होंने बताया कि प्रभु श्री राम लला, राजाराम और पराकोटे में विराजमान सभी मंदिरों को नंगे पांव दर्शन के बाद श्रद्धालु जूता चप्पल पहनकर जटायु और कुबेर टीले पर भ्रमण कर सकते हैं।उन्होंने बताया कि नवंबर में राममंदिर सहित राममंदिर में स्थित सभी मंदिरों में ध्वजारोहण होगा तिथि सोच ली गई है, और इस बार अयोध्या और आसपास के लोगों को ही आमंत्रित किया जाएगा और निश्चित रूप से 22 जनवरी का जो प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव इतिहास में दर्ज हुआ है वैसे ही ध्वजारोहण का कार्यक्रम भी अद्वितीय होगा।
राय ने बताया कि मंदिर निर्माण समिति की अगली बैठक सात, आठ और 9 सितंबर को होगी और ट्रस्ट के ट्रस्टी गणों की बैठक 9 सितंबर को मणिरामदास छावनी में निश्चित हुई है। उन्होंने बताया कि 70 एकड़ में 30 एकड़ में पंचवटी का निर्माण किया जाएगा जिसमें एक तालाब होगा और बंदरों और पक्षियों के लिए पर्याप्त व्यवस्था होगी। लगभग 15 एकड़ में सड़के होगी और शेष 25 एकड़ में मंदिर और बिल्डिंग होगा।
उन्होंने बताया कि 50 एकड़ ओपन एरिया होगी जिसमें 30 एकड़ पूरी हरियाली होगी। ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने बताया कि आज फसाड लाइट के लिए तीन कंपनियों ने अपने डेमो दिखाएं हैं। अब उसी में से एक कंपनी को जिम्मेदारी दी जाएगी जो करार के अनुसार पांच या 10 वर्ष तक इसका मेंटेनेंस भी करेगी। उन्होंने बताया कि अंतर्राष्ट्रीय राम कथा संग्रहालय में कल सुबह 10 बजे बैठक होगी जिसमें वहां के बारे में निर्णय किया जाएगा।

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