"बाढ़ संभावित क्षेत्रों में मुकम्मल रहें स्वास्थ्य सेवाओं से सम्बन्धित तैयारियां"
सीएमओ डॉ राजेश झा ने कहा कि बाढ़ जैसी स्थिति पैदा होने से पहले लोगों के बीच आवश्यक दवाओं, ओआरएस व जिंक के पैकेट्स, क्लोरिन की गोलियां आदि वितरित कर दी जाएं। गर्भवती और बच्चों का नियमित टीकाकरण समय रहते हो जाए। गर्भवती को पर्याप्त मात्रा में आयरन और कैल्शियम की गोलियां उपलब्ध करवा दी जाएं। जिन गर्भवती का प्रसव बाढ़ के संभावित समय में होना है, उन्हें सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दें। बुखार और खांसी आदि की दवाएं समय रहते हर बाढ़ संभावित गांवों में पहुंच जाएं।
सीएमओ ने बताया कि जिले के सभी बाढ़ संभावित गांवों में स्वास्थ्य विभाग ने आवश्यक तैयारियां तेज कर दी हैं। सभी ब्लॉक के अधिकारियों को तैयारियां पूरी करने को कहा गया है। एसीएमओ और डिप्टी सीएमओ स्तर के अधिकारी भी क्षेत्रों में पहुंच कर तैयारियां देख रहे हैं। सभी संबंधित ब्लॉक में स्वास्थ्य टीम का गठन किया गया है जो बाढ़ की स्थिति में लोगों को सेवाएं देंगीं। सभी ब्लॉक स्तरीय अस्पतालों पर एंटी स्नेक वेनम भी मौजूद है। लोगों को जागरूक किया जा रहा है कि सर्पदंश की स्थिति में मरीज को सीधे नजदीकी अस्पताल ले जाना है। इसके लिए 108 नंबर एम्बुलेंस की निःशुल्क सुविधा भी उपलब्ध है। मच्छर जनित बीमारियों से बचाव के लिए दवाओं के छिड़काव का निर्देश दिया गया है।
इस अवसर पर एसीएमओ आरसीएच डॉ एके चौधरी, डेरवां पीएचसी के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ.श्रवण तिवारी व उनकी टीम और जिला मलेरिया विभाग टीम भी मौजूद रही।

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