चुनाव आयोग ने गलत ढ़ंग से जुड़वाए लाखों मतदाता : राहुल
नयी दिल्ली, 07 अगस्त (वार्ता) कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष तथा लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने आरोप लगाया है कि चुनाव आयोग वोटों की चोरी करवा रहा है और इस संबंध में उन्होंने कर्नाटक की महादेवपुरा विधानसभा सीट के मतदाताओं का ब्योरा प्रस्तुत करते हुए दावा किया कि वहां एक लाख से अधिक गलत वोट बनवाये गये थे।
श्री गांधी ने गुरुवार को यहां पार्टी के नये मुख्यालय इंदिरा भवन में संवाददाता सम्मेलन में कहा कि उनके पास गलत वोट बनाये जाने के ‘प्रमाण’ हैं और इस संबंध में उन्होंने वहां प्रस्तुति भी दी। उनका कहना था कि ये सभी प्रमाण तुलनात्मक ढंग से और पर्याप्त शोध के बाद जुटाए गये हैं। चुनाव आयोग ने जो मतदाता सूची इस सीट पर तैयार की है उसमें एक एक व्यक्ति के नाम पर चार-चार वोटर कार्ड बने हैं और इस तरह से इस सीट पर एक लाख 250 वोट चोरी हुए हैं।उन्होंने कहा “मैं वोट चोरी की बात कह रहा हूं लेकिन वे (चुनाव आयोग) मुझ पर हमला नहीं करता। वे मुझ पर हमला करने से बहुत डरते हैं। उन्होंने मेरे खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की क्योंकि वे जानते हैं कि मैं सच बोल रहा हूँ। वे यह भी जानते हैं कि उनका यह सच ‘बुलेटप्रूफ’ है।”
श्री गांधी ने आरोप लगाया कि देश के युवाओं का वोट चोरी किया जा रहा है। वोट कौन चुरा रहा है यह सब जानते हैं। पहले इस चोरी के उनके पास सबूत नहीं थे, लेकिन अब उनके पास 100 प्रतिशत सबूत हैं, सारा डेटा है। ये वोट चोरी कई निर्वाचन क्षेत्रों में की गई है। इसलिए अब चुनाव आयोग को बहाने नहीं बनाने चाहिए और उन्हें सीसीटीवी फुटेज और इलेक्ट्रॉनिक वोटर लिस्ट दे देनी चाहिए। उनके साथ ही पूरे विपक्ष की यही मांग है।
लोकसभा में विपक्ष के नेता ने कहा “हमने कर्नाटक की एक विधानसभा महादेवपुरा क्षेत्र की जांच की और पाया कि यहां 1,00,250 वोटों की चोरी की गई। पांच तरीकों से ये फर्जी वोट लिस्ट में जोड़े गए। इसमें 11,965 डुप्लीकेट वोटर बनाए गये, 40,009 फर्जी पतों का इस्तेमाल हुआ, 10,452 वोटर बड़ी संख्या में एक ही पते पर रजिस्टर किए गए, 4,132 वोटर बिना फोटो या अवैध फोटो के साथ जोड़े गए, 33,692 नये वोटर फॉर्म-6 का गलत इस्तेमाल कर जोड़े गए हैं।”
उन्होंने कहा कि फार्म 6 का इस्तेमाल नये वोटर के लिए किया जाता है लेकिन उनके शोध में सामने आया है कि इस फार्म के जरिए 70 साल की वोटर शकुन रानी को भी शामिल किया गया है। कमाल यह है कि इस 70 साल की वोटर का चार जगह को वोटर कार्ड बना है और उसने तीन जगह मतदान किया है। उन्होंने एक अन्य मतदता आदित्य श्रीवास्तव का हवाला दिया और कहा कि इनके नाम से चार वोटर कार्ड बनें हैं और उन्होंने कर्नाटक के अलावा उत्तर प्रदेश के वाराणसी में भी मतदान किया है।
श्री गांधी ने कहा कि वह जानते थे कि फर्जी मतदाताओं के जरिए वोटों का फर्जीवाड़ा किया जा रहा है लेकिन तब उनके पास इसके सबूत नहीं थे लेकिन अब वोट चोरी किये जाने के सारे सबूत उनके पास हैं और ये सारे सबूत उन्होंने खुद व्यापक स्तर पर जांच शुरू कर जुटाएं हैं। उनका कहना था कि इन सबूतों के आधार पर जब चुनाव आयोग से सवाल पूछा कि एक करोड़ वोटर कैसे आए। आयोग ने बहाने बनाए लेकिन सवाल का जवाब नहीं दिया। आयोग से डिजिटल वोटर रोल, चुनाव से जुड़े सीसीटीवी फुटेज तथा डिजिटल वोटर रोल मांगे तो आयोग ने नहीं दिये।
उन्होंने कहा कि हमने जब कर्नाटक को लेकर जांच शुरू की तो कई बातें पता चलीं। हमें अंदाजा था कि वहां लोकसभा चुनाव में हम 16 सीट जीतेंगे लेकिन हम 9 सीट जीते और 7 सीट पर हार गए। इसी कड़ी में हमने 7 सीटों पर फोकस किया और एक लोकसभा क्षेत्र की महादेवपुरा विधानसभा सीट की जांच की। पिछले लोकसभा चुनाव में बेंगलूरु सेंट्रल सीट पर कांग्रेस को 6,26,208 वोट मिले और भाजपा ने 32,707 के अंतर से 6,58,915 वोट हासिल कर चुनाव जीत लिया। अजीब बात ये थी कि इसी लोकसभा के 6 विधानसभा क्षेत्र में भाजपा चुनाव हारी है लेकिन महादेवापुरा विधानसभा क्षेत्र की जांच में पता चला कि भाजपा वहां 1,14,046 के अंतर से चुनाव जीती है।
कांग्रेस नेता ने कहा कि चुनाव आयोग ने उन्हें जो डेटा दिया, उसकी जांच में उन्हें 6 महीने लगे और उन्होंने हर तरीके से इसकी पड़ताल की। इस पड़ताल से पता चला कि 1,00,250 वोटों की चोरी हुई है। इस जांच में ही वोट चोरी किये जाने के पांच तरीकों का पता चला जिनमें पता चला कि गलत वोट बने हैं। इनमें डुप्लीकेट वोटर, फर्जी तथा अवैध पता, एक ही पते पर कई वोटर, मतदाता पहचान पत्र में गलत फोटो तथा फॉर्म-6 का दुरुपयोग किया गया है। उन्होंने कहा कि आयोग निष्पक्ष चुनाव कराने का दवा करता है लेकिन उनके डेटा में एक ही विधानसभा क्षेत्र में एक लाख से अधिक फर्जी वोटर हैं। उन्होंने कहा है कि वह देश की जनता को बताना चाहते हैं कि ये आपका भविष्य है। आपकी आंखों के सामने पूरा सिस्टम चोरी किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अगर महादेवपुरा सीट की ही बात की जाय तो हमने कर्नाटक की एक विधानसभा महादेवापुरा क्षेत्र की जांच की और पाया कि यहां 1,00,250 वोटों की चोरी की गई। पांच तरीकों से ये फर्जी वोट लिस्ट में जोड़े गए।
चुनाव आयोग ने कहा है कि पहले पूरे देश में एक साथ चुनाव होते थे तो कहीं दिक्कत नहीं आयी लेकिन अब चुनाव आयोग सत्ताधारी दल के इशारे पर काम कर रहा है और उसकी सुविधा के हिसाब से चुनाव का समय बदला जा रहा है। चुनाव आयोग कहता है कि शाम साढ़े पांच बजे बड़ी संख्या में मतदान हुआ है लेकिन मौके पर मौजूद हमारे लोगों ने कहा कि बहुत कम मतदाता वहां आये। आखिर इस तरह का फर्क क्यों और कैसे है इन सब सवालों का जवाब चाहिए।
उन्होंने कहा कि जिस तरह से फर्जी वोटर बनाए जा रहे हैं यह देश के संविधान और देश के लोकतंत्र के खिलाफ अपराध है। उन्होंने कहा कि वह जो डेटा पेश कर रहे हैं वह उनका नहीं बल्कि चुनाव आयोग का डेटा है। उन्होंने कहा “मैं एक राजनेता हूँ। मैं जनता से जो कहता हूँ, वही मेरा वचन है। मैं इसे सबके सामने सार्वजनिक रूप से कह रहा हूँ, इसलिए इसे शपथ समझिए और यही सच है। यह उनका डेटा है और हम उनका डेटा प्रदर्शित कर रहे हैं। यह हमारा डेटा नहीं है, यह चुनाव आयोग का डेटा है। दिलचस्प बात यह है कि उन्होंने इस जानकारी से इनकार नहीं किया है। उन्होंने यह नहीं कहा है कि मैं जिन मतदाता सूचियों की बात कर रहा हूँ, वे गलत हैं। इसके बजाय, वे कह रहे हैं, 'क्या आप शपथ लेकर ऐसा करेंगे। वे सूचियों को गलत क्यों नहीं कहते। क्योंकि वे सच्चाई जानते हैं और उन्हें यह भी मालूम है कि इस बात की जानकारी हमें हैं भी कि उन्होंने इसी तरह का फर्जी काम पूरे देश में किया है।
उन्होंने कहा कि फार्म 6 का इस्तेमाल नये वोटर के लिए किया जाता है लेकिन उनके शोध में सामने आया है कि इस फार्म के जरिए 70 साल की वोटर शकुन रानी को भी शामिल किया गया है। कमाल यह है कि इस 70 साल की वोटर का चार जगह को वोटर कार्ड बना है और उसने तीन जगह मतदान किया है। उन्होंने एक अन्य मतदता आदित्य श्रीवास्तव का हवाला दिया और कहा कि इनके नाम से चार वोटर कार्ड बनें हैं और उन्होंने कर्नाटक के अलावा उत्तर प्रदेश के वाराणसी में भी मतदान किया है।
श्री गांधी ने कहा कि वह जानते थे कि फर्जी मतदाताओं के जरिए वोटों का फर्जीवाड़ा किया जा रहा है लेकिन तब उनके पास इसके सबूत नहीं थे लेकिन अब वोट चोरी किये जाने के सारे सबूत उनके पास हैं और ये सारे सबूत उन्होंने खुद व्यापक स्तर पर जांच शुरू कर जुटाएं हैं। उनका कहना था कि इन सबूतों के आधार पर जब चुनाव आयोग से सवाल पूछा कि एक करोड़ वोटर कैसे आए। आयोग ने बहाने बनाए लेकिन सवाल का जवाब नहीं दिया। आयोग से डिजिटल वोटर रोल, चुनाव से जुड़े सीसीटीवी फुटेज तथा डिजिटल वोटर रोल मांगे तो आयोग ने नहीं दिये।
उन्होंने कहा कि हमने जब कर्नाटक को लेकर जांच शुरू की तो कई बातें पता चलीं। हमें अंदाजा था कि वहां लोकसभा चुनाव में हम 16 सीट जीतेंगे लेकिन हम 9 सीट जीते और 7 सीट पर हार गए। इसी कड़ी में हमने 7 सीटों पर फोकस किया और एक लोकसभा क्षेत्र की महादेवपुरा विधानसभा सीट की जांच की। पिछले लोकसभा चुनाव में बेंगलूरु सेंट्रल सीट पर कांग्रेस को 6,26,208 वोट मिले और भाजपा ने 32,707 के अंतर से 6,58,915 वोट हासिल कर चुनाव जीत लिया। अजीब बात ये थी कि इसी लोकसभा के 6 विधानसभा क्षेत्र में भाजपा चुनाव हारी है लेकिन महादेवापुरा विधानसभा क्षेत्र की जांच में पता चला कि भाजपा वहां 1,14,046 के अंतर से चुनाव जीती है।
कांग्रेस नेता ने कहा कि चुनाव आयोग ने उन्हें जो डेटा दिया, उसकी जांच में उन्हें 6 महीने लगे और उन्होंने हर तरीके से इसकी पड़ताल की। इस पड़ताल से पता चला कि 1,00,250 वोटों की चोरी हुई है। इस जांच में ही वोट चोरी किये जाने के पांच तरीकों का पता चला जिनमें पता चला कि गलत वोट बने हैं। इनमें डुप्लीकेट वोटर, फर्जी तथा अवैध पता, एक ही पते पर कई वोटर, मतदाता पहचान पत्र में गलत फोटो तथा फॉर्म-6 का दुरुपयोग किया गया है। उन्होंने कहा कि आयोग निष्पक्ष चुनाव कराने का दवा करता है लेकिन उनके डेटा में एक ही विधानसभा क्षेत्र में एक लाख से अधिक फर्जी वोटर हैं। उन्होंने कहा है कि वह देश की जनता को बताना चाहते हैं कि ये आपका भविष्य है। आपकी आंखों के सामने पूरा सिस्टम चोरी किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अगर महादेवपुरा सीट की ही बात की जाय तो हमने कर्नाटक की एक विधानसभा महादेवापुरा क्षेत्र की जांच की और पाया कि यहां 1,00,250 वोटों की चोरी की गई। पांच तरीकों से ये फर्जी वोट लिस्ट में जोड़े गए।
चुनाव आयोग ने कहा है कि पहले पूरे देश में एक साथ चुनाव होते थे तो कहीं दिक्कत नहीं आयी लेकिन अब चुनाव आयोग सत्ताधारी दल के इशारे पर काम कर रहा है और उसकी सुविधा के हिसाब से चुनाव का समय बदला जा रहा है। चुनाव आयोग कहता है कि शाम साढ़े पांच बजे बड़ी संख्या में मतदान हुआ है लेकिन मौके पर मौजूद हमारे लोगों ने कहा कि बहुत कम मतदाता वहां आये। आखिर इस तरह का फर्क क्यों और कैसे है इन सब सवालों का जवाब चाहिए।
उन्होंने कहा कि जिस तरह से फर्जी वोटर बनाए जा रहे हैं यह देश के संविधान और देश के लोकतंत्र के खिलाफ अपराध है। उन्होंने कहा कि वह जो डेटा पेश कर रहे हैं वह उनका नहीं बल्कि चुनाव आयोग का डेटा है। उन्होंने कहा “मैं एक राजनेता हूँ। मैं जनता से जो कहता हूँ, वही मेरा वचन है। मैं इसे सबके सामने सार्वजनिक रूप से कह रहा हूँ, इसलिए इसे शपथ समझिए और यही सच है। यह उनका डेटा है और हम उनका डेटा प्रदर्शित कर रहे हैं। यह हमारा डेटा नहीं है, यह चुनाव आयोग का डेटा है। दिलचस्प बात यह है कि उन्होंने इस जानकारी से इनकार नहीं किया है। उन्होंने यह नहीं कहा है कि मैं जिन मतदाता सूचियों की बात कर रहा हूँ, वे गलत हैं। इसके बजाय, वे कह रहे हैं, 'क्या आप शपथ लेकर ऐसा करेंगे। वे सूचियों को गलत क्यों नहीं कहते। क्योंकि वे सच्चाई जानते हैं और उन्हें यह भी मालूम है कि इस बात की जानकारी हमें हैं भी कि उन्होंने इसी तरह का फर्जी काम पूरे देश में किया है।

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