आठ वर्षों की उपलब्धियों के आधार पर सरकार ने तय किये आगामी लक्ष्य : योगी
लखनऊ 14 अगस्त (वार्ता) उत्तर प्रदेश सरकार ने गुरुवार को वर्ष 2047 के लिए राज्य के विकास का खाका तैयार करते हुए विज़न डॉक्यूमेंट 2047 का प्रारूप सदन में प्रस्तुत किया है।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यह दस्तावेज़ फिलहाल एक प्रस्ताव है और इसे अंतिम रूप विशेषज्ञों, नीति आयोग और प्रदेश की जनता की राय के आधार पर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि पिछले आठ वर्षों की उपलब्धियों के आधार पर सरकार ने आगामी लक्ष्यों को तय किया है।वर्ष 2030 तक उत्तर प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने और अगले पांच वर्षों में विकास दर को 14-15 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। प्रधानमंत्री द्वारा 2047 तक भारत को 30 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के संकल्प के अनुरूप, उत्तर प्रदेश भी एक से छह ट्रिलियन डॉलर की ओर बढ़ने का रोडमैप बना रहा है। इसके लिए राज्य का जीडीपी योगदान 9.3 प्रतिशत से बढ़ाकर कम से कम जनसंख्या अनुपात 16 प्रतिशत के बराबर करने की दिशा में कदम उठाए जाएंगे।
योगी ने कहा कि वर्तमान में देश की प्रति व्यक्ति आय लगभग दो लाख रुपये है, जबकि उत्तर प्रदेश का औसत इससे काफी कम है। लक्ष्य है कि 2047 तक प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय राष्ट्रीय औसत के बराबर या उससे अधिक यानी कम से कम 26 लाख वार्षिक हो। सीएम योगी ने कहा कि सरकार का उद्देश्य विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश और आत्मनिर्भर भारत-आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश के संकल्प को मूर्त रूप देना है। इसके लिए तीन मुख्य थीम तय की गई हैं, जिसमें 12 सेक्टर्स को समाहित किया गया है।
उन्होने कहा कि इन थीम को आगे बढ़ाने के लिए 12 प्रमुख सेक्टर चिन्हित किए गए हैं, जिनमें प्रधानमंत्री के 5टी ( ट्रेड, टूरिज्म,टेक्नोलॉजी, ट्रेडिशन और टैलेंट) को आधार बनाया गया है। अल्पकालिक, मध्यमकालिक और दीर्घकालिक लक्ष्यों के साथ इन सेक्टरों पर चरणबद्ध तरीके से कार्य होगा, ताकि 2047 तक उत्तर प्रदेश आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बन सके।

टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें