रेड रन मैराथन के जरिए दिया गया एड्स के प्रति जनजागरूकता का संदेश
लोगों को बताया गया कि एड्स का एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में प्रसार सिर्फ रक्त और यौन सम्पर्क से होता है । इस बीमारी के मरीज के साथ रहने में कोई खतरा नहीं है ।एड्स मरीजों के साथ भेदभाव का बर्ताव नहीं करना चाहिए बल्कि उनके साथ सामान्य जीवन जीना चाहिए।
जिला एड्स नियंत्रण अधिकारी डॉ. नंदलाल कुशवाहा ने लोगाें को बताया कि एड्स के प्रति समाज में कई तरह की मिथक व भ्रांतियां हैं। इस कारण लोग मरीजों के साथ भेदभाव करते हैं। समाज में इन भ्रांतियों का खंडन कर जागरूकता संदेश देना जरूरी है। एड्स मरीज के साथ बैठने, सामान्य मेल मिलाप, हाथ मिलाने, एक ही बर्तन में खाना खाने व पानी पीने, मच्छर या खटमल काटने से, एक दूसरे का कपड़ा एवं एक ही शौचालय का इस्तेमाल करने से, एक ही सवारी गाड़ी का इस्तेमाल करने से, एक साथ खेलने से, एक ही तरण ताल में नहाने से, चुम्बन करने से, एक ही फोन व ऑफिस का इस्तेमाल करने से, खांसने या छींकने से, पैसे एवं सामान के आदान प्रदान से और गले मिलने से एड्स का संक्रमण नहीं होता है इस बीमारी का संक्रमण संक्रमित पुरुष के वीर्य, महिला के योनि स्राव, रक्त व मां के दूध के सम्पर्क में आने से होता है। कंडोम के साथ सुरक्षित यौन सम्बन्ध और संक्रमित के रक्त को शरीर में प्रवेश से रोकने के उपायों के जरिये इसके वायरस से बचा जा सकता है।
डाॅ कुशवाहा ने बताया कि एचआईवी संक्रमण को एड्स की अवस्था में पहुंचने में पांच से दस साल तक का समय लग जाता है । इस बीच समय से लक्षणों की पहचान कर दवाओं के नियमित सेवन, डॉक्टरी सलाह और खुद की देखभाल से इस समयावधि को बढ़ाया जा सकता है । एड्स के प्रमुख लक्षणों में वजन घटना, एक महीन से अधिक बुखार आना और एक महीने से अधिक दस्त रहना शामिल हैं। लगातार खांसी, चर्म रोग, मुंह एवं गले में छाले होना, लगातार सर्दी एवं जुकाम, लसिका ग्रंथियों में सूजन व गिल्टी होना, याददाश्त खोना, मानसिक क्षमता कम होना और शारीरिक शक्ति का कम होना इसके सामान्य लक्षण हैं ।
मैराथन के अवसर पर उप जिला क्षय उन्मूलन अधिकारी डॉ विराट स्वरूप श्रीवास्तव, जिला पीपीएम समन्वयक एएन मिश्रा, मिर्जा आफताब बेग, टीबी एचआईवी कोआर्डिनेटर राजेश सिंह, अमित मिश्र और राकेश सिंह प्रमुख तौर पर मौजूद रहे।
इन्हें मिला पुरस्कार
रेड रन मैराथन के पुरूष वर्ग में सत्यम यादव को प्रथम, शुभम प्रजापति को द्वितीय, दानिश को तृतीय और दिनेश को सांत्वना पुरस्कार से सम्मानित किया गया। महिला वर्ग में चांदनी को प्रथम, एश्वर्या को द्वितीय, साक्षी को तृतीय और संध्या को चतुर्थ पुरस्कार प्रदान किया गया।


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