"छह माह तक सिर्फ स्तनपान और दो साल तक स्तनपान के साथ पूरक आहार जरूरी"

गोरखपुर। जिले में प्रत्येक मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग द्वारा चलाई जाने वाली वर्चुअल ई-आरोग्य पाठशाला में इस मंगलवार को सिर्फ स्तनपान और पूरक आहार के साथ स्तनपान की महत्ता पर चर्चा हुई। पाठशाला की विषय विशेषज्ञ एम्स गोरखपुर की बाल एवं शिशु रोग विभाग की अध्यक्ष डॉ महिमा मित्तल ने सभी प्रतिभागियों को उपयोगी जानकारियां प्रदान कीं। सीएमओ डॉ राजेश झा सहित जिले के कई अन्य अधिकारी और सभी सीएचओ भी वर्चुअल माध्यम से पाठशाला से जुड़े। 

विषय विशेषज्ञ डॉ महिमा मित्तल ने बताया कि तीन मुख्य संदेश जन जन तक पहुंचाया जाना चाहिए। पहला बच्चे के जन्म के तुरंत बाद यथाशीघ्र बच्चे को स्तनपान कराया जाए। इस कार्य में उपस्थित एनएम और स्टॉफ नर्स को मदद करनी चाहिए। दूसरा बच्चे को छह महीने तक सिर्फ मां का दूध पिलाना है। उसे पानी या खाने की कोई भी चीज नहीं देनी है। मां के दूध से ही बच्चे को पर्याप्त मात्रा में पानी मिल जाता है। तीसरा और अहम संदेश यह है की शिशु जब छह महीने का हो जाए तो उसे दो वर्ष की आयु तक पूरक आहार के साथ साथ मां का दूध अवश्य देना है। 

डॉक्टर मित्तल ने बताया कि स्तनपान बच्चे में रोग प्रतिरोधक क्षमता का विकास करता है और उसे कई प्रकार के संक्रमण से बचाता है। यह शारीरिक और मानसिक विकास में अहम भूमिका निभाता है। डॉक्टर मित्तल ने विभिन्न आयुवर्ग में पूरक आहार की मात्रा के बारे में जानकारी दी। 

सीएमओ डॉक्टर राजेश झा ने बताया कि पाठशाला के दौरान केस स्टडी के जरिए सीएचओ ने अपनी जिज्ञासा शांत की। कार्यशाला के आयोजन में डीसीपीएम रिपुंजय पांडेय और इको इंडिया संस्था का विशेष योगदान रहा।

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