बिजली विभाग को दुरुस्त करके ही रहूंगा : ऊर्जा मंत्री
लखनऊ 01 अगस्त (वार्ता) उत्तर प्रदेश में बिजली विभाग के निजीकरण सहित अन्य मांगों को लेकर चल रहे आंदोलन के बीच ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने शुक्रवार को दोहराया कि वे प्रदेश में विद्युत सेवाओं को पारदर्शी, जवाबदेह और उपभोक्ता हितैषी बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।उन्होंने कहा “ हमारे लिए उपभोक्ता सर्वोपरि हैं और मेरा संकल्प है कि बिजली विभाग में भ्रष्टाचार, ढिलाई और उपेक्षा को खत्म करके एक उत्तरदायी और पारदर्शी प्रणाली तैयार करूंगा। जब तक यह विभाग जनहित की भावना से नहीं चलेगा, तब तक हम चैन से नहीं बैठेंगे। उन्होंने कहा कि बिजली विभाग को दुरुस्त करके ही रहूंगा।”
शुक्रवार को 1912 शिकायत नियंत्रण कक्ष का निरीक्षण करने पहुंचे। निरीक्षण के दौरान जब वे नियंत्रण कक्ष में मौजूद थे, उसी समय बहराइच जिले के रणजीतपुर सब स्टेशन के अंतर्गत गंडेरियन पुरवा गाँव से एक उपभोक्ता का महिला कर्मी ने टोल फ्री के अंतर्गत कॉल रिसीव किया गया। उपभोक्ता ने बताया कि उनके यहाँ का बिजली कनेक्शन एक लाइनमैन ने काट दिया है और दो हजार रुपये की मांग कर रहा है। इस पर मंत्री ने संबंधित लाइनमैन नेपाली को तत्काल प्रभाव से सेवा से बर्खास्त करने का निर्देश दिया।
इसके उपरांत ऊर्जा मंत्री विधानसभा क्षेत्र के 33/11 केवी उपकेंद्र पहुंचे, जहाँ उन्होंने वहां तैनात कर्मियों से बातचीत की और जाना कि क्षेत्र की शिकायतों का किस तरह से निस्तारण हो रहा है। उन्होंने पाया कि कई शिकायतों को निस्तारित करने में अनावश्यक विलंब हो रहा है, जिसकी वजह से उपभोक्ताओं को परेशानी होती है।
इस दौरान मंत्री ने निर्देश दिया कि दुर्घटना, भ्रष्टाचार, बार-बार की शिकायत, संवेदनशील उपभोक्ता, वीआईपी कॉल या तकनीकी बाधाओं से जुड़ी समस्याओं को ‘विशेष फ्लैगिंग कैटेगरी’ में चिन्हित किया जाए और उनका समाधान तत्काल प्राथमिकता पर किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसी शिकायतों की निगरानी उच्च स्तर पर होनी चाहिए ताकि कोई भी उपभोक्ता उपेक्षा का शिकार न हो।
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