लाहौल और लद्दाख में चार चोटियों को फतह करने निकला सीमा प्रहरियों का दल

नयी दिल्ली 02 अगस्त (वार्ता) सीमा सुरक्षा बल के पर्वतारोहियों का एक दल लाहौल और लद्दाख क्षेत्र में हिमालय की चार गगनचुंबी चोटियों को फतह करने के अभियान पर शनिवार को देहरादू के डोईवाला स्थित‘ सीमा सुरक्षा बल साहसिक एवं उन्नत प्रशिक्षण संस्थान’ से रवाना हुआ।

अभियान दल को सीमा सुरक्षा बल के महानिरीक्षक (प्रशिक्षण) अशोक कुमार ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। अभियान दल जिन चोटियों को फतह करने निकला है उनमें लाहौल और लद्दाख क्षेत्र में माउंट युनम (6111 मीटर), माउंट थुग्जे (6128 मीटर), माउंट थुग्जे पूर्व (6080 मीटर) और माउंट मेंटोक (6250 मीटर) शामिल हैं।
इस अभियान के दो उद्देश्य पहला 1995 में नुब्रा घाटी ,काराकोरम रेंज में माउंट सासेर कांगड़ी( 17672 मीटर) के पर्वतारोहण अभियान के दौरान जान गंवाने वाले बल के 13 पर्वतारोहियों को श्रद्धांजलि देना और दूसरा ‘स्वच्छ भारत - स्वच्छ हिमालय’ सहित ‘हम फिट तो इंडिया फिट’ अभियान का नेतृत्व करना है।
अभियान दल में पर्वतारोही, सहायक कर्मचारी, चिकित्सा कर्मचारी और परिवहन कर्मचारी सहित कुल 35 सदस्य हैं और इन्होंने यह अभियान 34 दिन में पूरा करने का लक्ष्य रखा है। यह अभियान पर्वतारोहियों की आरोहण क्षमताओं को बढ़ाने के लिए 6000 मीटर ऊंची चार चोटियों पर एडवांस हाई एल्टीट्यूड अल्पाइन प्रशिक्षण प्रदान करने के उद्देश्य को भी पूरा करेगा।
अभियान दल में दिग्गज और प्रख्यात पर्वतारोहियों के अनुभव के साथ ही नए पर्वतारोहियों की सामूहिक ऊर्जा है। नारी सशक्तिकरण के प्रति प्रतिबद्धता को जाहिर करते हुए सीमा सुरक्षा बल ने महिला प्रहरियों को भी इस अभियान में शामिल किया है। अभियान दल का नेतृत्व विश्व विख्यात पर्वतारोही और सीमा सुरक्षा बल के डिप्टी कमांडेंट लवराज सिंह धर्मशक्तु कर रहे हैं जो माउंट एवरेस्ट को सात बार फतह कर चुके हैं।
हिमालय की उचाईयों को स्वच्छ और कचरा-मुक्त रखने के सिद्धांत का पालन करते हुए दल के सदस्य 14,000 फुट से लेकर 20,500 फुट की ऊँचाई तक के ऊँचे पर्वतारोहण शिविरों से भी कचरा इकट्ठा करेंगे। इस अभियान का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण और ग्लोबल वार्मिंग की रोकथाम का एक सशक्त संदेश फैलाने के साथ-साथ ही पर्वतारोहियों और पर्वतारोहियों को ‘स्वच्छ भारत - स्वच्छ हिमालय’ और ‘हम फिट तो इंडिया फिट’ पहल के प्रति भी संवेदनशील बनाना है।
उल्लेखनीय है कि पर्वतारोहण के क्षेत्र में सीमा सुरक्षा बल का गौरवशाली इतिहास रहा है। इस प्रतिष्ठित पर्वतारोही दल में एक पद्मश्री और दो राष्ट्रीय साहसिक पुरस्कार विजेता सदस्य शामिल हैं। सीमा सुरक्षा बल के नाम पर्वतारोहण के क्षेत्र में 2006 और 2018 में माउंट एवरेस्ट, 2008 में दुर्जेय माउंट कंचनजंगा, 2021 में माउंट ल्होत्से, 2023 में माउंट मनास्लु और 47 अन्य हिमालयी चोटियों पर सफल आरोहण सहित अनेक गौरवमयी उपलब्धियाँ शामिल हैं।

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