पेरिस में आयोजित आईएफटीएम में शामिल होगा पर्यटन विभाग
लखनऊ 07 अगस्त (वार्ता) आगामी 23 से 25 सितंबर तक फ्रांस की राजधानी पेरिस के पोर्टे डे वर्सेल्स में आयोजित होने जा रहे 'इंटरनेशनल एंड फ्रेंच ट्रैवल मार्केट (आईएफटीएम) टॉप रेसा 2025' में पर्यटन विभाग अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने जा रहा है।
इस आयोजन में पर्यटन सेक्टर को ग्लोबल मार्केट से जोड़ा जा सके। इस आयोजन में 120 से अधिक देशों के प्रतिनिधि जुटेंगे। 'इंटरनेशनल एंड फ्रेंच ट्रैवल मार्केट टॉप रेसा 2025' में छाने के लिए यूपी पर्यटन विभाग जोर-शोर से तैयारी कर रहा है। यहां विदेशी आगंतुकों को उत्तर प्रदेश के स्थानीय उत्पाद, हस्तशिल्प, जैसे ओडीओपी उत्पादों और विविध संस्कृतियों की झलक दिखाई जाएगी। स्टॉल पर उत्तर प्रदेश के हस्तशिल्प, कलाकृतियां और मंदिर वास्तुकला से सजा रचनात्मक सेट-अप होगा, जो आगंतुकों को सीधे आकर्षित करेगा।इस बाबत अधिकारियों का कहना है कि पर्यटन विभाग वहां अपने स्टॉल पर आकर्षक डिस्प्ले, एलईडी स्क्रीन और इंटरएक्टिव कियोस्क के जरिए उत्तर प्रदेश को आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक पर्यटन के प्रमुख केंद्र के तौर पर दर्शाएगा। इससे न केवल विदेशी पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी, बल्कि इससे भारत और यूरोप के बीच नए व्यापारिक रिश्ते भी बनेंगे। प्रदेश की अर्थव्यवस्था को बढ़ाने में भी यह उपयोगी होगा।
अधिकारियों का कहना है कि हेरिटेज टूरिज्म, वेलनेस और आयुर्वेद, इको और ग्रामीण पर्यटन की विशिष्टताओं को प्रदर्शित कर विदेशी सैलानियों और निवेश को आकर्षित करने के लिए विशेष तैयारी कर रहा है। आयुर्वेद रिट्रीट, योग केंद्र और ग्रामीण होमस्टे जैसे अवसरों को पेरिस में आयोजित होने वाले इवेंट में विशेष रूप से हाइलाइट किया जाएगा। उत्तर प्रदेश की पर्यटन नीति के तहत निवेशकों को पूंजीगत सब्सिडी, भूमि आवंटन और आसान मंजूरी जैसे लाभ बताए जाएंगे, जो यहां के खंडहर हो रहे किले, महल और आध्यात्मिक स्थलों के विकास में मदद करेंगे।
गौरतलब है कि हर साल करीब तीन लाख फ्रेंच पर्यटक भारत आते हैं, वहीं सात लाख भारतीय पर्यटक फ्रांस की सैर करते हैं। यह आंकड़े दोनों देशों के बीच पर्यटन के मजबूत रिश्ते को दिखाते हैं। उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग इस अवसर का लाभ उठाकर फ्रेंच और यूरोपीय पर्यटकों को वाराणसी, अयोध्या और बौद्ध सर्किट जैसे स्थलों की ओर आमंत्रित करने की तैयारी कर रहा है, जहां वे आध्यात्मिक और सांस्कृतिक अनुभव ले सकेंगे। आईएफटीएम टॉप रेसा में करीब 120 से अधिक देशों से 30,000 से ज्यादा लोग भाग लेते हैं, जबकि 170 से अधिक देशों या क्षेत्रों की डेस्टिनेशंस प्रदर्शित की जाती हैं। यह इवेंट वैश्विक स्तर पर पर्यटन के लिए एक बड़ा मंच माना जाता है, जहां विभिन्न संस्कृतियां और अवसर एक जगह मिलते हैं।
प्रमुख सचिव पर्यटन मुकेश मेश्राम के मुताबिक यह तीन दिनों का ट्रेड फेयर होता है, जहां दुनिया भर के ट्रैवल प्रोफेशनल्स, टूर ऑपरेटर्स और निवेशक मिलते हैं। इसमें 170 से अधिक डेस्टिनेशंस, 400 से ज्यादा स्टैंड्स और 1400 ब्रांड्स शामिल होते हैं, जो पर्यटन उद्योग के सभी पहलुओं को कवर करता है।

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