यूपी में हिट साबित हो रही है नई फ़ास्ट टैग योजना

लखनऊ, 18 अगस्त (वार्ता) उत्तर प्रदेश में लॉन्च किए गए फ़ास्टटैग वार्षिक पास को लेकर अच्छी प्रतिक्रिया मिली है।केवल दो दिनों में लगभग 30 हजार निजी वाहनों ने इस सुविधा को सक्रिय किया और 21 हजार से ज़्यादा टोल क्रॉसिंग दर्ज की गईं।

भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, उत्तर प्रदेश पश्चिम (लखनऊ ज़ोन) में 18 हजार 136 लेन-देन हुए, जबकि उत्तर प्रदेश पूर्व (वाराणसी ज़ोन) में तीन हजार 106 लेन-देन हुए, जो राज्य के भारी राजमार्ग यातायात और इस योजना की शुरुआती लोकप्रियता को दर्शाता है।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि पास खरीदने वाले वाहनों का प्रतिनिधित्व करते हैं, जबकि लेन-देन वास्तविक टोल उपयोग को दर्शाते हैं, जिसका अर्थ है कि कई नए पास धारकों ने अभी तक राजमार्ग यात्रायें नहीं की हैं।
एनएचएआई के सदस्य (प्रशासन) और वरिष्ठ आईएएस अधिकारी विशाल चौहान ने बताया, “ राष्ट्रीय स्तर पर, साथ ही उत्तर प्रदेश में भी, नई योजना को सड़क उपयोगकर्ताओं से बहुत उत्साहजनक प्रतिक्रिया मिली है और 16 अगस्त तक पहले दो दिनों में अकेले उत्तर प्रदेश में लगभग 30,000 वार्षिक फ़ास्टटैग सक्रियण हुए हैं।”
अधिकारियों की मानें तो राष्ट्रीय स्तर पर, लॉन्च के दिन ही 1.4 लाख से ज़्यादा उपयोगकर्ताओं ने सदस्यता ली, और 17 अगस्त की दोपहर तक यह आँकड़ा 4 लाख से ज़्यादा एक्टिवेशन का आंकड़ा पार कर गया, जिसके परिणामस्वरूप पूरे भारत में 4.25 लाख से ज़्यादा टोल-फ्री क्रॉसिंग हो गईं।
उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग शुल्क नियमों में संशोधन के बाद 15 अगस्त से देश भर में लागू किए गए इस वार्षिक पास को राजमार्गयात्रा मोबाइल ऐप के ज़रिए मौजूदा फास्टैग पर तीन हजार रुपये की एकमुश्त लागत पर एक्टिवेट किया जा सकता है।

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