बाल रोगों पर चर्चा को लेकर लखनऊ में जुटेंगे देश भर के बाल रोग विशेषज्ञ

लखनऊ 20 अप्रैल (वार्ता) बाल रोगों पर चर्चा व उनके इलाज की दिशा में नित हो रहे सुधारों को लेकर लखनऊ में आगामी 22 से 24 अगस्त तक देश भर के बाल रोग विशेषज्ञ एकत्र होंगे। यह सम्मेलन भारतीय बाल अकादमी (आईएपी)के नियोकोन के नियोनेटोलॉजी स्पेशिलिटी चैप्टर का 16वां वार्षिक राष्ट्रीय सम्मेलन होगा।

पत्रकारों को संबोधित करते हुए भारतीय बाल अकादमी के उत्तर प्रदेश शाखा के पूर्व अध्यक्ष डॉक्टर संजय निरंजन ने बताया कि आईएपी 60 वर्ष पुराना, देश में बाल रोग विशेषज्ञों का सबसे बड़ा संगठन है। लगभग 48 हजार बाल रोग विशेषज्ञ इसके सदस्य हैं और आधुनिक चिकित्सा में दुनिया का दूसरा बड़ा संगठन है। संगठन का उद्देश्य बच्चों और उनके परिवारों के स्वास्थ्य की वकालत करना है,चाहे वह सरकारी हो, या गैर सरकारी।
भारतीय बाल अकादमी के लखनऊ शाखा की अध्यक्ष डॉक्टर शालिनी भसीन ने बताया कि उत्तर प्रदेश में 10 करोड़ बच्चों की आबादी पर 2500 बाल रोग विशेषज्ञ हैं, जो देश के अन्य राज्यों की तुलना में काफी कम हैं।
पांच साल से कम आयु के बच्चों की मृत्यु दर मुख्यतः नवजात शिशुओं की मृत्यु के कारण अधिक है। पांच साल से कम आयु के बच्चों की मृत्यु दर में सुधार आया है लेकिन नवजात शिशुओं की मृत्यु दर(एनएमआर) में ज्यादा बदलाव नहीं आ रहा है।
डॉक्टर शालिनी त्रिपाठी ने बताया कि नियोनेटोलॉजी स्पेशिलिटी चैप्टर 16 साल पहले इस उद्देश्य के साथ स्थापित किया गया था। उत्तर प्रदेश की एनएमआर वर्तमान में 1000 जीवित जन्मों पर 25 है जबकि भारत की 17 है।
सम्मलेन की रूपरेखा के बारे में डॉ. आकाश पंडिता ने बताया कि 22 अगस्त को जनपद के विभिन्न सरकारी व निजी चिकित्सा संस्थानों किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय, एसजीपीजीआई, कमांड अस्पताल, मेदान्ता, एरा, अपोलो मेडिक्स सुपर स्पेशलिटी और हेल्थ सिटी विस्तार में नवजात शिशु देखभाल पर नवजात शिशु हीमो डायनेमिक, पीओसीयूएस, नॉन इनवेसिव वेंटिलेशन , एडवांस्ड इनवेसिव वेंटिलेशन, विकासत्म्क्क एवं सहयोगात्मक देखभाल, कंगारू मदर केयर(केएमसी), नवजात नर्सिंग देखभाल , नवजात सेप्सिस, एडवांस्ड क्रिटिकल केयर एनआईसीयू में उन्नत महत्वपूर्ण देखभाल एवं निगरानी पर सात कार्यशालाओं का आयोजन होगा।
इन कार्यशालाओं में भारत सहित सात देशों के चिकित्सा संस्थानों के संकाय सदस्य और देश के दूर दराज क्षेत्रों से नवजात शिशु में विशेष रूचि रखने वाले 800 बाल विशेषज्ञ प्रतिभाग करेंगे। कार्यक्रम का उद्घाटन 23 अगस्त की शाम को होगा। जिसमे मुख्य सचिव, स्वास्थ्य उत्तर प्रदेश, आईएपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. वसंत खालाटकर और नियोनेटोलोजी चेप्टर के अन्य राष्ट्रीय सदस्य भी प्रतिभाग करेंगे।

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