योगी ने वाराणसी में पब्लिक ट्रांसपोर्ट रोपवे का किया निरीक्षण
वाराणसी, 29 अगस्त (वार्ता) उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार शाम वाराणसी में निर्माणाधीन विश्व के तीसरे और भारत के पहले पब्लिक ट्रांसपोर्ट रोपवे का स्थलीय निरीक्षण किया और कार्य की प्रगति का जायजा लिया।
यह परियोजना केंद्र सरकार की 'पर्वतमाला' योजना के तहत विकसित की जा रही है, जिसका मुख्य उद्देश्य शहर में यातायात की भीड़ को कम करना और स्थानीय लोगों के साथ-साथ पर्यटकों के लिए यात्रा को सुगम बनाना है। रोपवे लगभग 4.2 किलोमीटर की दूरी तय करेगा और कैंट रेलवे स्टेशन (वाराणसी जंक्शन) को चर्च स्क्वायर (गोदौलिया) से जोड़ेगा। इसका प्रमुख लक्ष्य शहर में यातायात की भीड़भाड़ को कम करने के लिए एक विश्वसनीय और कुशल परिवहन माध्यम प्रदान करना है। साथ ही, इस रोपवे के गंगा के उस पार तक विस्तार की संभावनाओं पर भी विचार किया जा रहा है।इस रोपवे प्रणाली की शुरुआत से वाराणसी के निवासियों और काशी आने वाले देशी-विदेशी पर्यटकों को व्यापक लाभ होगा। इसका सबसे बड़ा लाभ प्रसिद्ध काशी विश्वनाथ मंदिर और दशाश्वमेध घाट जैसे प्रमुख स्थलों तक आसान पहुंच है। परिवहन के वैकल्पिक साधन के रूप में यह रोपवे श्रद्धालुओं और पर्यटकों को इन महत्वपूर्ण स्थलों तक सुगमता से पहुंचने में सक्षम बनाएगा, जिससे उनका समय और धन दोनों की बचत होगी।
इस परियोजना की अनुमानित लागत लगभग 645 करोड़ रुपए है। इसमें करीब 220 केबल कार या ट्रॉली कार होंगी, जिनमें से प्रत्येक में 10 यात्री बैठ सकेंगे। ये कारें 45 मीटर की ऊंचाई पर संचालित होंगी, जिससे यात्रियों को एक सुंदर और कुशल परिवहन साधन उपलब्ध होगा। यह रोपवे बहुमुखी होगा, जो माल और यात्रियों दोनों की परिवहन आवश्यकताओं को पूरा करेगा। 4.2 किलोमीटर की हवाई दूरी तय करने वाला यह रोपवे सड़क की भीड़भाड़ से निजात दिलाने में मदद करेगा, जिससे निवासियों और पर्यटकों के लिए तेज और परेशानी मुक्त यात्रा संभव हो सकेगी।

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