वैश्विक आर्थिक स्वार्थों का मुकाबला स्वदेशी और आत्मनिर्भरता के हथियार से करेगा भारत: मोदी
नयी दिल्ली 15 अगस्त (वार्ता) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ऐतिहासिक लाल किले से अगली पीढी के सुधारों की घोषणा करते हुए शुक्रवार को कहा कि भारत दुनिया में बढते आर्थिक स्वार्थ और वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए स्वदेशी और आत्मनिर्भरता को अपना हथियार बनायेगा।
श्री मोदी ने 140 करोड़ देशवासियों और सभी राजनीतिक दलों से एकजुट होकर ‘समृद्ध भारत’ को अपना मूल बनाने का आह्वान किया और कहा कि यह किसी एक व्यक्ति या दल का एजेन्डा नहीं बल्कि प्रत्येक भारतीय के जीवन का लक्ष्य होना चाहिए। उन्होंने स्वदेशी की भावना को मजबूत करने के लिए भी पूरे देश से एकजुट होने का आह्वान किया और छोटे बड़े सभी दुकानदारों से अपनी दुकान पर ‘यहां स्वदेशी माल बिकता है’ के बोर्ड लगाने की अपील की।श्री मोदी ने आत्मनिर्भरता को विकसित भारत का आधार बताते हुए अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी , रक्षा और सुरक्षा प्रणालियों , सेमीकंडक्टर, विनिर्माण , महत्वपूर्ण खनिज , ऊर्जा , उर्वरक, औषधि, अंतरिक्ष तथा आर्थिक, डिजिटल तथा सोशल मीडिया प्लेटफार्म और सामाजिक जीवन के हर क्षेत्र में देश की ताकत बढाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि सरकार कारोबार और जीवन यापन की सुगमता के लिए अगली पीढी के सुधारों के लिए प्रतिबद्ध है।
प्रधानमंत्री ने 79 वें स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले की प्राचीर से 12 वीं बार राष्ट्र को संबोधित करते हुए अपने अब तक के सबसे लंबे भाषण में देश के समक्ष चुनौतियों , देश की ताकत और देश के भविष्य का खाका प्रस्तुत किया। इसमें रक्षा और सुरक्षा से लेकर आर्थिक , सामाजिक और तकनीकी क्षेत्र में आत्मनिर्भरता पर जोर दिया गया है। उन्होंने इसी संदर्भ में नयी योजनाओं और पहलों की घोषणा की जिसमें युवाओं के लिए रोजगार योजना, सैन्य और असैन्य प्रतिष्ठानों की सुरक्षा के लिए मिशन सुदर्शन चक्र, अवैध घुसपैठियों से निपटने के लिए उच्च अधिकार प्राप्त मिशन, जीएसटी में नयी पीढी के सुधार, देश को दस लाख करोड़ डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लिए सुधारों पर कार्य बल के गठन , लड़ाकू विमानों के लिए स्वदेशी इंजन के विकास , परमाणु ऊर्जा उत्पादन क्षमता में विस्तार और खनिज तेल तथा गैस के लिए गहरे समुद्र में अन्वेषण के लिए समुद्र मंथन जैसी कई घोषणाएं शामिल हैं। उन्होंने सेमिकंडक्टर मिशन की सफलता का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत में इसी वर्ष माइक्रोचिप का विनिर्माण शुरू हो जायेगा। उन्होंने अंतरिक्ष में भारत की ऊंची उडान का जिक्र किया और कहा कि देश गगनयान मिशन की अपने बल पर सफलता तथा अपना अंतरिक्ष स्टेशन बनाने की दिशा में काम कर रहा है।
श्री मोदी ने भारत के खिलाफ व्यापार के क्षेत्र में बढ रहे दबावों के बीच कहा कि विकसित भारत के लिए आत्मनिर्भरता अनिवार्य शर्त है। उन्होंने दोहराया कि भारत अपने किसानों तथा कमजोर वर्गों के हितों के साथ कोई समझौता नहीं करेगा और स्वदेशी को अपनी मजबूती के लिए अपनाकर दूसरों को मजबूर करेगा।
श्री मोदी ने पाकिस्तान को कड़ा संदेश देते हुए कहा कि भारत अब परमाणु धमकी में आने वाला नहीं है और आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई के लिए सेनाओं को खुली छूट दी गयी है। सिंधु जल संधि को अन्यायपूर्ण बताते हुए प्रधानमंत्री ने दो टूक शब्दों में कहा कि भारत इसे मौजूदा स्वरूप में स्वीकार नहीं करेगा।
उन्होंने भारत के खिलाफ व्यापारिक कार्रवाई कर रहे देशों को करारा संदेश देते हुए दोहराया कि किसान, पशुपालक और मछुआरे सरकार की प्राथमिकता हैं और उनके हितों से समझौता नहीं किया जायेगा। प्रधानमंत्री ने कहा , “ किसानों और पशुपालकों से जुड़ी किसी भी अहितकारी नीति के आगे मोदी दीवार बनकर खड़ा है।”
अवैध घुसपैठ को चिंता का बड़ा कारण बताते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि एक षड्यंत्र और सोची समझी साजिश के तहत देश की ‘डेमोग्राफी’(आबादी के स्वरूप) को बदला जा रहा है। उन्होंने इस संकट से निपटने के लिए एक हाई पावर डेमोग्राफी मिशन शुरू करने की घोषणा की।
श्री मोदी ने समृद्धि की सुरक्षा के महत्व को भी रेखांकित किया। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान दुश्मन की ओर से स्कूलों, अस्पतालों और धर्मस्थलों को निशाना बनाये जाने का जिक्र करते हुए उन्होंने सभी महत्वपूर्ण सैन्य और असैन्य प्रतिष्ठानों की सुरक्षा को चाक चौबंद करने के लिए ‘सुदर्शन चक्र मिशन’ की घोषणा की। अगले वर्षों में मिशन के तहत सभी प्रतिष्ठानों को प्रौद्योगिकी आधारित सुरक्षा प्रणालियों के कवच से लैस किया जायेगा। श्री मोदी ने कहा, “ यह मिशन सुदर्शन चक्र एक पावरफुल वेपन सिस्टम होगा जो दुश्मन के हमले को न्यूट्रलाइज तो करेगा ही करेगा, लेकिन कई गुना ज्यादा दुश्मन पर हिट बैक करेगा। ”
श्री मोदी ने सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र के युवा पेशेवरों के सामने यूपीआई जैसे डिजिटल प्लेटफार्म की सफलता से प्रेरणा लेते हुए भारत का खुद के सोशल मीडिया प्लेटफार्म विकसित करने की चुनौती रखी। उन्होंने कहा, “ क्रिएटिव वर्ल्ड हो, सोशल मीडिया हो, ये जितने भी प्लेटफॉर्म्स हैं, मेरे देश के नौजवानों मैं चुनौती करता हूं, आप आइए हमारे अपने प्लेटफार्म क्यों ना हो, हम क्यों दूसरों पर निर्भर रहें, क्यों भारत का धन बाहर जाए और मुझे आपके सामर्थ्य पर भरोसा है।”
प्रधानमंत्री ने स्वदेशी जेट ईंजन के लिए भारत के प्रयासों को सफलता की मंजिल पर पहुंचाने की आवश्यकता को रेखांकित करते हुए कहा कि जिस तरह हमने कोविड के दौरान टीके बनाए और डिजिटल भुगतान के लिए यूपीआई बनाया, उसी तरह हमें अपने जेट इंजनों के लिए भी खुद के जेट इंजन बनाने चाहिए। उन्होंने वैज्ञानिकों और युवाओं से इसे चुनौती के रूप में लेने को कहा।
नयी पीढी के सुधारों और देश के विकास की कुछ नयी योजनाओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने दिवाली तक वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी प्रणाली) में बड़े सुधार की घोषणा की। युवाओं के लिए एक लाख करोड़ रुपए की प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना, अगली पीढ़ी के सुधारों के लिए एक समर्पित सुधार कार्य बल के गठन, दो दशक में परमाणु बिजली उत्पादन क्षमता दोगुना करने और इस साल के अंत तक स्वदेशी सेमीकंडक्टर चिप के बाजार में आने की घोषणा की। इसके अलावा गहरे समुद्र में तेल गैस की खोज के लिए समुद्र मंथन करने तथा महत्वपूर्ण खनिजों के क्षेत्र में देश को आगे ले जाने की योजना की घोषणा की गयी।
प्रधानमंत्री ने लालकिले की प्राचीर से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की राष्ट्र सेवा की सराहना करते हुए संगठन को उसके शताब्दी वर्ष की शुभकामनाएं भी दी।

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