वाराणसी में बाढ़ से जनजीवन अस्त-व्यस्त

वाराणसी, 05 अगस्त (वार्ता) बाढ़ की विभीषिका से जूझ रहे उत्तर प्रदेश के वाराणसी में मंगलवार को भी गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर रहा।

केंद्रीय जल आयोग की रिपोर्ट के अनुसार, आज सुबह गंगा नदी का जलस्तर 72.22 मीटर दर्ज किया गया। बाढ़ का पानी रामनगर से बीएचयू ट्रॉमा सेंटर मार्ग तक पहुंच गया है। जिले में 1898 हेक्टेयर कृषि भूमि और 7037 किसान बाढ़ से प्रभावित हुए हैं।
शहरी क्षेत्रों में मारुति नगर, दशाश्वमेध, अस्सी, हुकुलगंज सहित कई इलाके जलमग्न हैं। नगवा निवासी सतीश गुप्ता ने बताया कि उनके घर के प्रथम तल तक बाढ़ का पानी भर गया है, जिससे बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। मारुति नगर के रोहित मल्होत्रा ने कहा कि कॉलोनी में पानी भर गया है और जरूरी सामान के लिए नावों का सहारा लेना पड़ रहा है।
बाढ़ के कारण 1443 परिवारों के 6631 लोग राहत शिविरों और अन्य स्थानों पर शरण लिए हुए हैं। प्रभावित क्षेत्रों में सहायता के लिए 80 नावें तैनात की गई हैं, जिनमें 44 बड़ी नावें, 20 मोटरबोट और 11 अन्य नावें शामिल हैं।
मंडलायुक्त एस. राजलिंगम ने बताया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में अधिकारियों द्वारा लगातार निरीक्षण किया जा रहा है। तटवर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है और उन्हें सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करने के निर्देश दिए गए हैं।
नगर आयुक्त अक्षत वर्मा के निर्देश पर क्विक रिस्पॉन्स टीम (क्यूआरटी) गठित की गई है और कंट्रोल कमांड सेंटर को 24 घंटे सक्रिय रखने का आदेश दिया गया है। नगरीय क्षेत्रों में बाढ़ प्रभावित स्थानों पर सामान्य अभियांत्रिकी विभाग और नगर निगम वाराणसी द्वारा 25 बाढ़ राहत शिविर स्थापित किए गए हैं।
शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए काशी इंटीग्रेटेड कमांड सेंटर में कंट्रोल रूम बनाया गया है। इसका टोल-फ्री नंबर 18001805567, 1533 और मोबाइल नंबर 8601872688 सक्रिय है।

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