अंगदान को लेकर पूरे देश मे लागू होगा एक यूनिफॉर्म
लखनऊ 02 अगस्त (वार्ता) अंगदान को लेकर अलग अलग राज्यों में प्रचलित नियम व कानून को ‘वन नेशन वन पालिसी’ के तहत लाने की तैयारी है।इसके लिए नेशनल आर्गन एंड टिश्यू ट्रांसप्लांट आर्गेनाइजेशन (नोटो) ने सभी राज्यों की सहमति के आधार पर एक ड्राफ्ट तैयार कर लागू करने के लिए केंद्र सरकार के पास भेजा है। ड्राफ्ट में अंगदान को लेकर एक यूनिफॉर्म लागू करने की मांग की गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी ‘मन की बात’ के 99 एपिसोड में इसका जिक्र कर चुके हैं।
अभी तक अंगदान को लेकर आयोजित जागरूकता कार्यक्रमों में लोग सर्टिफिकेट के लिए बढ़ चढ़ कर प्रतिज्ञा लेते हैं। लेकिन अवसर आने पर इनमें से अधिकांश लोग नदारत हो जाते हैं। दूसरे अंगदान को लेकर अलग अलग राज्यों में अलग अलग नियम व शुल्क निर्धारित है। जिसको देखते हुए नोटो ने सभी राज्यो की सहमति के आधार पर एक ड्राफ्ट तैयार कर वन नेशन वन पालिसी के तहत लागू करने के लिए भारत सरकार के पास भेजा है। जिससे पूरे देश मे एक यूनिफॉर्म लागू किया जा सके।
एसजीपीजीआई में नेफ्रोलॉजी विभाग के प्रमुख व यूपी में नोटो के प्रभारी प्रो नारायण प्रसाद ने बताया कि ड्राफ्ट में रजिस्ट्रेशन के लिए आधार आधारित प्रणाली को लागू करने की मांग की गई है। रजिस्ट्रेशन के दौरान डिजिटली सत्यापन होने से जरूरत पर डोनर को ट्रैक किया जा सकता है। वहीं एक यूनिफॉर्म लागू होने से व्यक्ति किसी भी राज्य में रजिस्ट्रेशन करा सकेगा।
उन्होंने बताया कि गुजरात मे रजिस्ट्रेशन को लेकर कोर्ट केस होने के बाद यह निर्णय लिया गया है। उन्होंने बताया कि अभी अलग अलग राज्य में अलग अलग नियम व शुल्क हैं। जिसे एक यूनिफॉर्म में लाया गया है। पहले राज्यों की ऑर्गन आवंटन पॉलिसी में जरूरतमंद को ऑर्गन लेने के लिए डोमिसाइल की जरूरत होती थी। वह केवल अपने ही राज्य में ऑर्गन लेने के लिए रजिस्टर कर सकता था। ड्राफ्ट में डोमिसाइल की जरूरत को खत्म कर दिया गया है।
प्रो नारायण प्रसाद ने बताया कि ड्राफ्ट में डोनर के मेंटिनेंस का भी जिक्र किया गया है। जिससे अंगदान के बाद डोनर को कोई समस्या न हो। उन्होंने बताया कि जल्द ही भारत सरकार की तरफ से इसे लागू कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि वर्ष 2024 तक भारत में 1130 मृतक अंगदाता और 3152 अंग प्रत्यारोपण दर्ज किए गए, जिससे भारत 94 देशों में 68वें स्थान पर है। नोटो के तहत पंजीकृत कुल केंद्र 941 हैं, जिनमें 688 ट्रांसप्लांट सेंटर हैं। उत्तर प्रदेश इस सूची में सातवें स्थान पर है।

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