आईएनएस ‘अजय’, ‘निस्तार’ के लिए इस्पात आपूर्ति कर रक्षा आत्मनिर्भरता में सेल ने दिया योगदान
नयी दिल्ली, 04 अगस्त (वार्ता) देश की सबसे बड़ी इस्पात उत्पादक कंपनी भारतीय इस्पात निगम लिमिटेड (सेल) ने भारतीय नौसेना में हाल में शामिल आईएनएस ‘अजय’ और ‘निस्तार’ के लिए विशेष इस्पात की आपूर्ति कर रक्षा क्षेत्र के स्वदेशीकरण में अपना योगदान दिया है।सेल ने सोमवार को बताया कि गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स लिमिटेड (जीआरएसई) द्वारा निर्मित आईएनएस ‘अजय’ का जुलाई में नौसेना को सौंपा गया था। आईएनएस 'निस्तार' भी जुलाई में ही नौसेना में शामिल हुआ था। इसका निर्माण हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड (एचएसएल) द्वारा किया गया है।
आईएनएस ‘अजय’ के लिए सेल ने जरूरत की पूरी डीएमआर ग्रेड स्टील प्लेट्स की आपूर्ति की है, जो इस उच्च-गुणवत्ता वाले इस्पात पोत के ढाँचे की मजबूती और स्टील्थ क्षमताओं के लिए महत्वपूर्ण है। आईएनएस ‘अजय’ जीआरएसई द्वारा निर्मित आठवां और अंतिम स्वदेशी एंटी-सबमरीन वारफेयर शैलो वाटर क्राफ्ट (एएसडब्ल्यू-एसडब्ल्यूसी) है।
इसी तरह से सेल ने हाल ही में कमीशन किए गए आईएनएस निस्तार के लिए विशेष ग्रेड प्लेट्स की पूरी आपूर्ति की है। आईएनएस निस्तार देश का पहला स्वदेशी रूप से डिजाइन और निर्मित डाइविंग सपोर्ट वेसल है। आईएनएस निस्तार पनडुब्बी बचाव कार्यों, गहरे समुद्र में गोताखोरी और निरंतर गश्त में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने में सक्षम है।
सेल ने कहा कि यह 'आत्मनिर्भर भारत' के निर्माण में कंपनी की अभिन्न भूमिका को रेखांकित करता है। इस्पात के प्रत्येक टन के साथ सेल देश की समुद्री तत्परता और रक्षात्मक भरोसे की नींव को निरंतर सुदृढ़ कर रहा है।

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