नवाचार-आधारित शोध को मिले प्राथमिकता: आनंदीबेन

लखनऊ 07 अगस्त,(वार्ता) नवाचार आधारित शोध को प्राथमिकता दिये जाने की वकालत करते हुये उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा कि उत्कृष्ट शोध कार्यों को प्रोत्साहन देना आवश्यक है, क्योंकि ऐसे शोध कार्यों का लाभ देश को मिलता है।

श्रीमती पटेल ने यहां विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद, विश्वविद्यालयों में शोध गतिविधियों को बढ़ावा देने तथा अनुसंधान की गुणवत्ता एवं उपयोगिता को मजबूत करने के लिये आयोजित एक बैठक में कहा कि जब कोई विश्वविद्यालय किसी शोध परियोजना का प्रस्ताव प्रस्तुत करता है, तो उसका विधिवत प्रस्तुतीकरण और स्क्रीनिंग होनी चाहिए, उस पर गंभीरतापूर्वक विचार किया जाना चाहिये, जिससे उसकी गुणवत्ता और उपयोगिता का आकलन किया जा सके। जो भी फंड विश्वविद्यालयों को प्रदान किया जाता है, उसकी प्रगति की समय-समय पर समीक्षा होनी चाहिये।
उन्होने कहा कि उत्कृष्ट शोध कार्यों को आगे बढ़ाना और उन्हें प्रोत्साहन देना आवश्यक है, क्योंकि ऐसे शोध कार्यों का लाभ देश को मिलता है। यदि कोई परियोजना अस्वीकृत की जाती है, तो विश्वविद्यालय को अस्वीकृति का कारण अवश्य बताया जाना चाहिए, ताकि वे आवश्यक सुधार कर परियोजना को पुनः प्रस्तुत कर सकें। परियोजना की संकल्पना से लेकर उसकी स्वीकृति और पूर्णता तक निरंतर संवाद और समीक्षा की प्रक्रिया बनी रहनी चाहिए।
राज्यपाल ने इस पूरी प्रक्रिया को गंभीरता से संचालित करने पर बल दिया। परिषद और विश्वविद्यालयों के बीच बेहतर संवाद और सहयोग होना चाहिए। विषय विशेषज्ञों का चयन करते समय यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि वे अनुभवी हों, और शिक्षा व शोध क्षेत्र में उनकी गहन समझ हो। बाह्य विशेषज्ञ, सलाहकार समिति के विशेषज्ञ तथा कार्यकारी समिति के सदस्य, सभी अनुभवी और विषय की गहराई में काम करने वाले हों।
उन्होंने कहा कि यदि पुरानी नीतियाँ शोध एवं विकास की वर्तमान आवश्यकताओं के अनुरूप नहीं हैं, तो उनकी समीक्षा कर नई और व्यावहारिक नीतियाँ बनाई जानी चाहिए, जिससे शोध कार्य में गति और गुणवत्ता दोनों सुनिश्चित हो सके। वर्तमान समय में प्रदूषण, कृषि, जलवायु परिवर्तन, पहाड़ों का क्षरण, भूगर्भीय हलचल, तापमान वृद्धि, भूकंप आदि जैसी समस्याएं हमारे सामने चुनौती के रूप में खड़ी हैं, जिन पर गहन शोध की आवश्यकता है। सरकार ने इस दिशा में भारी बजट उपलब्ध कराया है और इन विषयों पर गुणवत्तापूर्ण शोध होना चाहिए। उच्च शिक्षा के क्षेत्र में सरकार द्वारा अनुसंधान के लिये पर्याप्त संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं; अतः शोध कार्यों को सकारात्मक दिशा में ले जाना अनिवार्य है। समय और धन की बर्बादी को रोकते हुए, समाजोपयोगी और नवाचार-आधारित शोध को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
राज्यपाल ने प्रदेश के विश्वविद्यालयों के विद्यार्थियों की प्रतिभा की सराहना करते हुए कहा कि हमारे विद्यार्थी अत्यंत प्रतिभाशाली एवं उत्तरदायी हैं। उनके शोध-सम्बंधी विचारों और नवाचारों का लाभ देश को मिलना चाहिए। केंद्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न अनुसंधान एजेंसियों के साथ बैठक कर आवश्यक कदम उठाए जाने चाहिए ताकि अच्छे प्रोजेक्ट्स को आगे बढ़ाया जा सके और पेटेंट कराया जा सके। विद्यार्थियों को शोध के लिए प्रारंभिक स्तर से ही प्रशिक्षित करना आवश्यक है।
बैठक में प्रदेश के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री,अनिल कुमार, अपर मुख्य सचिव राज्यपाल, डॉ. सुधीर महादेव बोबडे, प्रमुख सचिव विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी पंधारी यादव समेत वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

सपा अध्यक्ष को लगता है कि मुसलमान उनकी जेब में हैं: मायावती

हार-जीत से बड़ा है सक्षम बनना

24 जुलाई 2026 को चंद्रमा दिखाई देगा अन्टारेस (ज्येष्ठा नक्षत्र के योगतारा) के पास