कॉलेज बना निक्षय मित्र, मेडिकल काउंसलर ने भी 10 मरीजों को गोद लिया
जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ नंदलाल कुशवाहा ने बताया कि जिले में अब तक 6439 से अधिक टीबी मरीज गोद लिए जा चुके हैं जिन्हें पोषण सम्बन्धी सहयोग के साथ-साथ लगातार दवा खाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। कोई भी व्यक्ति या संस्था स्वेच्छा से टीबी मरीजों को गोद लेकर निक्षय मित्र बन सकता है। निक्षय मित्र स्वेच्छा से छह माह तक उपचाराधीन टीबी मरीजों को प्रत्येक माह चना, मूंगफली, सोयाबीन, फल, गुंड़ आदि पोषण सामग्री प्रति माह प्रदान करते हैं। उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ दिलवाने में मदद करते हैं। इस बात के लिए प्रेरित करते हैं कि टीबी मरीज बीच में दवा खाना बंद न करें। ऐसा करने से टीबी का इलाज जटिल हो जाता है।
डॉ कुशवाहा ने बताया कि पिछले दिनों नई दिल्ली की आन्या ट्रस्ट ने भी गोरखपुर में 25 उपचाराधीन टीबी मरीजों को गोद लेकर देखभाल का संकल्प लिया। ट्रस्ट के प्रतिनिधिनियों ने मरीजों को पोषण पोटली दी और उन्हें हर प्रकार से सहयोग करने का आश्वासन दिया।
गंगोत्री देवी महिला महाविद्यालय के प्रधानाचार्य, शिक्षकों और जिला क्षय रोग केंद्र पर पहुंचीं काउंसलर माधुरी तिवारी ने टीबी उपचाराधीन मरीजों को आश्वासन दिया कि वह उनके सम्पर्क में रहें। मरीजों की हरसंभव मदद की जाएगी। मरीजों को नियमित दवाओं का सेवन करते रहना है ताकि बीमारी पूरी तरह से ठीक हो जाए। आयोजन में उप जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ विराट स्वरूप श्रीवास्तव, डीपीसी धर्मवीर प्रताप सिंह, जिला पीपीएम समन्वयक एएन मिश्रा, मिर्जा आफताब बेग और मयंक आदि का विशेष योगदान रहा।


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