मॉरिशस की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए विशेष आर्थिक पैकेज देगा भारत: मोदी

वाराणसी 11 सितम्बर (वार्ता) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मॉरिशस और भारत को एक परिवार करार देते हुए कहा है कि दोनों देशों के सपने एक हैं और भारत ने मॉरिशस की ढांचागत विकास तथा स्वास्थ्य सुविधाओं जैसी आवशयकताओं को पूरा करने के लिए एक विशेष आर्थिक पैकेज की घोषणा की है।


उन्होंने कहा कि मॉरिशस के विशेष आर्थिक क्षेत्र की सुरक्षा और समुद्री क्षमता को मजबूत करने के लिए भी भारत पूरी तरह प्रतिबद्ध है। भारत ने मॉरिशस में आयुष उत्कृष्टता केन्द्र, 500 बिस्तर का सर शिवसागर रामगुलाम राष्ट्रीय अस्पताल, वेटेनरी स्कूल और पशु अस्पताल के निर्माण सहयोग का भी निर्णय लिया है।

दोनों देशों ने हाइड्रोग्राफी के क्षेत्र में एक समझौता ज्ञापन पर भी हस्ताक्षर किये हैं। इसके अलावा भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, मद्रास तथा इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ प्लांटेशन मैनेजमेंट ने भी माॅरिशस विश्वविद्यालय के साथ समझौते किये हैं।

श्री मोदी ने भारत की यात्रा पर आये मॉरिशस के प्रधानमंत्री डा. नवीनचन्द्र रामगुलाम के साथ गुरुवार को यहां द्विपक्षीय वार्ता के बाद संयुक्त प्रेस वक्तव्य में यह घोषणा की।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि मॉरिशस के विकास में एक विश्वसनीय और प्राथमिक साझेदार होना भारत के लिए गर्व की बात है और इसे ध्यान में रखते हुए भारत ने मॉरिशस की आवश्यकताओं को पूरा करने के उद्देश्य से उसके लिए एक विशेष आर्थिक पैकेज के बारे में निर्णय लिया है। उन्होंने कहा , " आज हमने मॉरिशस की आवश्यकताओं और प्राथमिकताओं को ध्यान में रखते हुए एक विशेष आर्थिक पैकेज पर निर्णय लिया है। यह इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत करेगा, रोज़गार के नए अवसर पैदा करेगा और स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ करेगा। "

श्री मोदी ने कहा कि यह सहायता नहीं बल्कि दोनों देशों के साझा भविष्य के लिए निवेश है।

श्री मोदी ने मॉरीशस को भारत की 'पड़ोसी प्रथम' नीति और विजन 'महासागर' का महत्वपूर्ण स्तंभ बताते हुए कहा कि दोनों देशों ने इसी वर्ष मार्च में अपने संबंधों को 'प्रगाढ रणनीतिक साझेदारी ' का दर्जा दिया था और आज की मुलाकात में द्विपक्षीय सहयोग के सभी पहलुओं की विस्तृत समीक्षा की गयी। उन्होंने कहा कि बातचीत के दौरान क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी विचार साझा किए गये।
प्रधानमंत्री ने चागोस समझौता संपन्न होने पर मॉरिशस को बधाई देते हुए कहा कि यह उसकी ऐतिहासिक जीत है। उन्होंने कहा कि भारत ने हमेशा उपनिवेशवाद और मॉरिशस की संप्रभुता का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि इस मामले में भारत हमेशा मॉरीशस के साथ दृढ़ता से खड़ा रहा है।
मॉरिशस में स्थापित पहले जनऔषधि केन्द्र का उल्लेख करते हुए श्री मोदी ने कहा कि अब हमने वहां आयुष केन्द्र और अस्पतालों के निर्माण में सहयोग करने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा, " भारत के बाहर पहला जनऔषधि केंद्र अब मॉरीशस में स्थापित हो चुका है। आज हमने निर्णय लिया है कि भारत , मॉरिशस में आयुष उत्कृष्टता केन्द्र, 500 बिस्तर का सर शिवसागर रामगुलाम राष्ट्रीय अस्पताल, वेटेनरी स्कूल और पशु अस्पताल के निर्माण में सहयोग देगा।"
उन्होंने कहा कि हम 'चागोस मरीन प्रोटेक्टेड एरिया' एस एस आर इंटरनेशनल एयरपोर्ट के ए टी सी टॉवर तथा हाईवे और रिंग रोड के विस्तार जैसी परियोजनाओं को भी आगे बढ़ायेंगे।
श्री मोदी ने कहा कि मॉरिशस में यूपीआई और रूपे कार्ड की शुरुआत के बाद अब दोनों देशों ने स्थानीय मुद्रा में व्यापार की दिशा में काम करने का निर्णय लिया है।
उन्होंने कहा कि भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, मद्रास तथा इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ प्लांटेशन मैनेजमेंट ने भी माॅरिशस विश्वविद्यालय के साथ समझौते किये हैं। ये समझौते अनुसंधान, शिक्षा और नवाचार के क्षेत्र में परस्पर साझेदारी को नई ऊंचाई पर ले जायेंगे। प्रधानमंत्री ने दोनों देशों के बीच मानव संसाधन विकास के क्षेत्र में लंबे समय से चले आ रहे सहयोग का उल्लेख किया और कहा कि अब तक मॉरीशस के पांच हजार से ज्यादा नागरिकों ने भारत में प्रशिक्षण प्राप्त किया है। उन्होंने कहा, " मेरी मार्च यात्रा के दौरान 500 सिविल सेवकों को ट्रेनिंग देने का निर्णय लिया गया था। मुझे बहुत खुशी है कि, इसका पहला बैच इस समय मसूरी में ट्रेनिंग कर रहा है।"
श्री मोदी ने कहा कि आज की बातचीत में तय किया गया है कि मॉरीशस में एक नया विज्ञान और प्रौद्योगिकी निदेशालय स्थापित किया जायेगा। इसके अलावा जल्द ही मॉरीशस में मिशन कर्मयोगी के ट्रेनिंग मॉड्यूल भी शुरू किये जायेंगे।
प्रधानमंत्री ने उर्जा सुरक्षा को दोनों देशों की भागीदारी का एक अहम स्तंभ बताते हुए कहा कि भारत, मॉरीशस के 'ऊर्जा ट्रांजीशन' में सहयोग दे रहा है। उन्होंने कहा, " मॉरिशस को 100 इलेक्ट्रिक बसें दी जा रही हैं, जिसमें से 10 पहुंच चुकी हैं। ऊर्जा के क्षेत्र में संपन्न हुए व्यापक पार्टनरशिप समझौते से इसे और बल मिलेगा। हमने 'तमारिंड फाल्स' में 17.5 मेगावॉट का फ्लोटिंग सोलर पावर प्लांट के निर्माण में सहयोग देने का निर्णय लिया है।"
श्री मोदी ने मुक्त, खुले, सुरक्षित, स्थिर और समृद्ध महासागर को दोनों देशों की साझा प्राथमिकता बताते हुए कहा , " मुक्त , खुला, सुरक्षित , स्थिर और समृद्ध हिंद महासागर हमारी साझा प्राथमिकता है। इस संदर्भ में मॉरीशस के विशेष आर्थिक क्षेत्र की सुरक्षा और समुद्री क्षमता को मजबूत करने के लिए भारत पूरी तरह प्रतिबद्ध है।" उन्होंने कहा कि भारत ने हिन्द महासागर में मुसीबत के समय सबसे पहले सहायता का हाथ बढाया है। उन्होंने कहा , " मॉरिशस के कोस्ट गार्ड शिप की रिफिटिंग भारत में की जा रही है। उनके 120 अधिकारियों को भारत में ट्रेनिंग भी दी जा रही है। आज हाइड्रोग्राफी के क्षेत्र में सहयोग पर समझौता संपन्न किया गया है और,अगले 5 वर्षों तक ईईजेड का संयुक्त सर्वेक्षण , नौवहन चार्ट्स, और हाइड्रोग्राफी डेटा में आपसी सहयोग करेंगे।"

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