पूर्व विधायक इरफान सोलंकी और उनके भाई रिजवान की इलाहाबाद उच्च न्यायालय से जमानत अर्जी मंजूर

प्रयागराज,(दिनेश तिवारी) कानपुर की सीसामऊ सीट से समाजवादी पार्टी (सपा) के पूर्व विधायक इरफान सोलंकी और उनके भाई रिजवान सोलंकी समेत अन्य आरोपितों की गैंगस्टर एक्ट में गुरुवार को  इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने जमानत याचिका अर्जी मंजूर कि !

न्यायमूर्ति समीर जैन की एकल पीठ ने दो सितंबर को दोनों पक्ष की बहस पूरी होने के बाद फैसला सुरक्षित कर लिया था| न्यायालय ने जमानत अर्जी मंजूर का गुरुवार को फैसला सुनाया !

 उच्च न्यायालय में इरफान सोलंकी, रिजवान सोलंकी और इसराइल आटेवाला, तीनों की जमानत याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई हुई। राज्य सरकार की ओर से अपर महाधिवक्ता मनीष गोयल और अपर शासकीय अधिवक्ता ने जमानत का विरोध किया। वहीं, इरफान सोलंकी की ओर से अधिवक्ता इमरान उल्लाह ने पक्ष रखा।

याचीगण के वकीलों का कहना था कि इसी प्रकरण में अन्य सह आरोपियों को जमानत मिल चुकी है, इसलिए इनके मुवक्किलों को भी समानता के सिद्धांत के आधार पर जमानत दी जानी चाहिए। हालांकि, सरकारी वकीलों ने विरोध करते हुए कहा कि याचीगण मुख्य अभियुक्त हैं, इसलिए वे समानता के लाभ के पात्र नहीं हैं। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने निर्णय सुरक्षित कर लिया था, जिसमे आज फैसला सुनाया गया ।

इरफान सोलंकी के अधिवक्ता इमरान उल्लाह के अनुसा इरफान सोलंकी पर जितने भी मुकदमे दर्ज थे सभी में उनको जमानत मिल गई है। ऐसे में वह अब जेल से बाहर आ जाएंगे

गौरतलब है कि इरफान सोलंकी और उनके साथियों को जेल में बंद हुए 24 महीने हो गए हैं। इस समय इरफान सोलंकी महाराजगंज जेल में बंद है  । पिछले साल 7 जून को इरफान सोलंकी को कानपुर की एमपी-एमएलए  कोर्ट ने जाजमऊ आगजनी केस में 7 साल की सजा सुनाई थी और  30 हजार 500 का जुर्माना भी लगाया गया था। इरफान के भाई रिजवान सोलंकी के अलावा उसके साथियों इजराइल आटावाला, मो. शरीफ और शौकत अली को भी 7 साल की सजा सुनाई गई थी।

जाजमऊ की डिफेंस कॉलोनी में रहने वाले इरफान सोलंकी और उनके भाई रिजवान समेत अन्य गुंडों पर पड़ोसी महिला नजीर फातिमा का प्लॉट में बने अस्थायी घर फूंकने का आरोप था। नजीर फातिमा ने 8 नवंबर 2022 को जाजमऊ थाने में इरफान, रिजवान समेत अन्य के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी।

आरोप था, 7 नवंबर 2022 को रात 8 बजे उसका परिवार भाई की शादी में गया था। तभी रिजवान सोलंकी, इरफान सोलंकी और उनके साथियों ने घर में आग लगा दी। साजिश के तहत ऐसा किया गया, जिससे वह घर छोड़कर भाग जाए और विधायक परिवार उस पर कब्जा कर ले। आग से गृहस्थी, फ्रिज, टीवी, सिलेंडर और बाकी सामान जल गया था।

 रिपोर्ट दर्ज करने के बाद जाजमऊ पुलिस ने जांच शुरू की। इसमें सामने आया कि शौकत, शरीफ और इजराइल आटावाला, अनूप यादव, महबूब आलम, शमशुद्दीन, एजाजुद्दीन, मो. एजाज, मुर्सलीन भोलू, शकील चिकना भी इस केस में शामिल थे। इरफान को इसी केस में 7 साल की सजा हुई।

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