जीएसटी कटौती का लाभ ग्राहकों को देने के लिए कंपनियों से कहेंगे खुदरा व्यापारी: खंडेलवाल
नयी दिल्ली, 5 सितंबर (वार्ता) देश के खुदरा व्यापारियों के एक प्रमुख नेता और राजधानी के चांदनी चौक क्षेत्र के सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने कहा है कि माल एवं सेवा कर (जीएसटी) में कटौती का लाभ उपभोक्ताओं तक पहुंचाने में खुदरा व्यापारी कारगर भूमिका निभायेंगे।
श्री खंडेलवाल खुदरा व्यापारियों के संघों के महासंघ कैट के महासचिव हैं। उन्होंने कर कटौती का लाभ ग्राहकों तक पहुंचाने में खुदरा कारोबारियों की भूमिका के बारे में यहां यूनीवार्ता से शुक्रवार को कहा,‘‘ आपूर्ति श्रृंखला में खुदरा व्यापारियों की बड़ी महत्वूपूर्ण भूमिका होती है। वे जिन कंपनियों का माल बेचते हैं, उनसे कहेंगे कि आप कर में सरकार द्वारा की गयी कमी का फायदा हमारे ग्राहकों को दें।”कैट ने कहा है कि भारत में खुदरा व्यापार में 10 करोड़ से अधिक लोग प्रत्यक्ष एवं परोक्ष रूप से जुड़े हैं। इनमें व्यापारी, रेहड़ी पटरी और फैरी वाले करोबारी शामिल है जो कारखानों से निकले माल को गांव , कस्बे और शहरों के ग्राहकों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। खुदरा व्यापार वार्षिक 82 लाख करोड़ रुपये का है जो दस साल में 190 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है।
व्यापारी नेता ने जीएसटी दरों के पुनर्गठन के इस सप्ताह के निर्णय को मोदी सरकार का और ऐतिहासिक सुधार बताते हुए कहा कि इससे कारोबारियों के हाथ में कारोबार के लिए धन का प्रवाह बढ़ेगा। विनिर्माण में लगने वाले साधन-सामग्री की लागत कम होने से माल तैयार करने की लागत कम होगी और माल सस्ता होगा। इससे उपभोग और उत्पादन को प्रोत्साहन मिलेगा और पूरी अर्थव्यवस्था पर गुणक प्रभाव पड़ेगा।
उल्लेखनीय है कि इसी सप्ताह वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में जीएसटी परिषद ने 2017 से लागू इस अप्रत्यक्ष कर प्रणाली में अगली पीढ़ी का सुधार कर जीएसटी में 5 , 12 , 18 और 28 प्रतिशत की जगह दो दरें -5 प्रतिशत और 18 प्रतिशत कर दी है। अहितकर और अति विलासिता की कुछ वस्तुओं के लिए 40 प्रतिशत की एक नयी दर बनायी गयी है।
श्री खंडेलवाल ने कहा कि इस फैसले से 400 से अधिक वस्तुओं पर कर कम होगा। इन सुधारों से आम आदमी को रोजमर्रा के खर्चे में बड़ी राहत मिलेगी तथा कर व्यवस्था भी चुस्त दुरुस्त होगी।यह वास्तव में प्रधानमंत्री मोदी की तरफ़ से देश को बड़ा दिवाली उपहार है ।
भारतीय स्टेट बैंक की एक हालिया रिपोर्ट का हवाला देते हुए श्री खंडेलवाल ने कहा कि जीएसटी में इन सुधारों से घरेलू खपत में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। रिपोर्ट का अनुमान है कि आगामी त्योहारी सीजन में खपत में 7–8 प्रतिशत की बढ़ोतरी होगी। यह उपभोक्ता खर्च में वृद्धि खुदरा व्यापार और छोटे दुकानदारों की बिक्री को सीधे लाभान्वित करेगी।
कैट ने आगामी 15-16 सितम्बर को नागपुर में “व्यापारी जुटान – राष्ट्रीय सम्मेलन” आयोजित करने की घोषणा की है। संगठन के नेताओं ने कहा है कि जिसमें देशभर से 400 से अधिक व्यापारी नेताओं, हॉकर्स संगठनों, उपभोक्ता मंचों एवं उद्योग प्रतिनिधियों की सहभागिता होगी। श्री खंडेलवान ने कहा कि इस सम्मेलन के बाद “राष्ट्रीय स्वदेशी अभियान” पूरे देश के गांव-गांव, कस्बों और शहरों तक चलाया जाएगा।

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