योगी ने दिये विश्वविद्यालयों व महाविद्यालयों के जाँच का आदेश
लखनऊ 08 सितंबर (वार्ता) बीते दिनों बाराबंकी में छात्रों के साथ हुई घटना के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों व महाविद्यालय में संचालित कोर्सों की मान्यता के जांच के आदेश दिए हैं।
जांच के दौरान मान्यता व प्रवेश को शामिल किया जाएगा। इसके लिए प्रत्येक जिले में एक विशेष जांच टीम गठित करने के निर्देश सभी मंडलायुक्तों को दिए गए हैं।सोमवार को मुख्यमंत्री स्तर पर जारी आदेश में कहा गया है कि विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों की मान्यता और प्रवेश प्रक्रिया की सघन जांच के लिए मण्डलायुक्तों को प्रत्येक जिले के लिए अलग-अलग जांच टीम गठित करनी होगी। जिसकी मॉनिटरिंग स्वयं मंडलायुक्त करेंगे। जांच टीम में एक वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी एक पुलिस अधिकारी वह एक शिक्षा विभाग के अधिकारी शामिल होंगे।
जांच के दौरान टीम द्वारा सभी शैक्षणिक संस्थानों से मान्यता प्राप्त कोर्स संचालित करने का शपथ पत्र लिया जाएगा। प्राप्त शपथ पत्र के आधार पर सभी कोर्सों की सूची और मान्यता पत्र की प्रति शैक्षणिक संस्थाओं को जांच टीम के समक्ष प्रस्तुत करना होगा। जांच के दौरान बगैर मान्यता के चल रहे कोर्सों पर तुरंत कार्यवाही की जाएगी। इसके अलावा अवैध कोर्स या फर्जी प्रवेश मिलने पर संस्थान पर कड़ी कार्यवाही की जाएगी। वही किसी संस्थान द्वारा निर्धारित शुल्क से अतिरिक्त शुल्क लेने की शिकायत मिलने पर शुल्क की वापसी संस्थान को ब्याज सहित करनी होगी।
मुख्यमंत्री स्तर से जारी आदेश में कहा गया है पूरी जांच प्रक्रिया पर मंडलायुक्त अपनी नजर रखेंगे। साथ ही सभी जिलों की रिपोर्ट 15 दिन के अंदर शासन को उपलब्ध कराएंगे। जिससे रिपोर्ट के आधार पर अग्रिम कार्रवाई सुनिश्चित हो सके।
गौरतलब है कि एक दिन पूर्व अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के पदाधिकारी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से उनके आवास पर देर शाम मुलाकात की थी। मुलाकात के दौरान रामस्वरूप मेमोरियल यूनिवर्सिटी घटनाक्रम के साथ ही शैक्षणिक संस्थानों में व्याप्त अराजकता और शिक्षा में गुणवत्ता लाने जैसे विषयों पर मुख्यमंत्री से अभाविप ने चर्चा की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने सभी मुद्दों पर उचित कदम उठाने का आश्वासन दिया।
दरअसल, बीते सोमवार को बाराबंकी के रामस्वरूप यूनिवर्सिटी में अवैध वसूली और ला कोर्स की मान्यता बीसीआई से न होने का आरोप लगाते अभाविप कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया था। प्रदर्शन के दौरान पुलिसिया लाठी चार्ज में दर्जन भर कार्यकर्ता घायल हो गए थे। घटना को संज्ञान में लेते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर वहां के सीओ को हटा दिया गया था। साथ ही एसएचओ व पुलिस चौकी इंचार्ज को लाइन हाजिर करने के साथ ही सभी आरोपी पुलिस कर्मियों को लाइन से सम्बद्ध कर दिया गया था।
घटना की उच्च स्तरीय जांच अयोध्या के मंडलायुक्त राजेश कुमार व आईजी रेंज अयोध्या प्रबीर कुमार को सौंपी गई थी। घटना में रिपोर्ट पर विश्वविद्यालय के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने, 3 पुलिसकर्मियों के निलंबन जैसी कार्यवाही के साथ ही विश्वविद्यालय की तरफ से किये गए अतिक्रमण को अतिक्रमण मुक्त कर दिया गया है।
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