अपनी नाकामी छिपाने के लिए लोगों को भ्रमित कर रही है कांग्रेस, जारी रहेंगे जीएसटी सुधार: मोदी
नोएडा 25 सितम्बर (वार्ता) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों पर वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) में सुधारोंं पर देशवासियों को भ्रमित करने का आरोप लगाते हुए कहा है कि कांग्रेस अपनी सरकारों की नाकामियों को छिपा रही है और देश की आर्थिक मजबूती के लिए मोदी सरकार में जीएसटी सुधारों का सिलसिला अनवरत जारी रहेगा।
श्री मोदी ने दुनिया भर की कंपनियों का आह्वान करते हुए कहा कि भारत और उत्तर प्रदेश निवेश के लिए सबसे उपर्युक्त और आकर्षक जगह है तथा यहां पर निवेश भारत के साथ साथ विदेशी कंपनियों के लिए भी फायदे का सौदा है।
श्री मोदी ने गुरूवार को यहां उत्तर प्रदेश अंतर्राष्ट्रीय व्यापार प्रदर्शनी का उद्घाटन करने के बाद अपने संबोधन में जीएसटी व्यवस्था लागू किये जाने और बाद में उसमें किये गये नयी पीढी के सुधारों का उल्लेख किया और कहा कि इससे देश में आर्थिक मजबूती का सूत्रपात हुआ है। जीएसटी सुधारों पर विपक्ष की बयानबाजी पर उसे आडे हाथोंं लेते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि कांग्रेस और उसके सहयोगी दल 2014 से पहले की अपनी सरकारों की नाकामियों को छिपाने के लिए लोगों को भ्रमित कर रहे हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा , " कुछ राजनीतिक दल देश के लोगों को भ्रमित करने का प्रयास कर रहे हैं। वर्ष 2014 की सकरार की नाकामी छिपाने के लिए कांग्रेस और उसके साथी दल जनता से छूट बोल रहे हैं। उस समय कर की लूट मची हुई थी और उस कर में से भी लूट होती थी। जनता पर कर की मार थी। "
श्री मोदी ने कहा कि उनकी सरकार ने कर कम करके मंहगाई कम की है। सरकार ने लोगों की आय बढायी है और कर को कम किया है। उन्होंंने कहा कि यदि 12 लाख आयकर मुक्त राशि और जीएसटी सुधारों से होने वाल फायदा को जोड़ा जाये तो लोगों के एक वर्ष में ढाई लाख करोड़ रूपये बचने जा रहे हैं। इसीलिए देश जीएसटी बचत उत्सव मना रहा है।
जीएसटी सुधारों काे जारी रखने का ऐलान करते हुए उन्होंंने कहा कि यह सिलसिला जारी रहेगा। उन्होंने कहा ," हम यहीं नहीं रूकने वाले। पहले 2017 में जीएसटी लाया गया और अब 2025 में जीएसटी में सुधार से आर्थिक मजबूती के बाद फिर से सुधार के बल पर आर्थिक मजबूती लायेंगे और जीएसटी में सुधार का सिलसिला चलता रहेगा।"
उन्होंने कहा कि उनकी सरकार में देश मेंं राजनीतिक स्थिरता और नीति निर्माण के साथ-साथ कुशल युवा आबादी है। उन्होंने कहा कि दुनिया के किसी भी देश में ये सभी चीजें एक साथ नहीं है जबकि भारत में निवेश के लिए जरूरी हर चीज मौजूद है। उन्होंने कहा कि दुनिया की कोई भी कंपनी अगर अपनी बढोतरी को नये पंख लगाना चाहती है तो भारत और उत्तर प्रदेश उसके लिए सबसे आकर्षक निवेश स्थान है। यह सभी के लिए फायदे की स्थिति की तरह है। उन्होंने वहां मौजूद सभी हितधारकोंं से मिलकर विकसित भारत और विकसित उत्तर प्रदेश बनाने का संकल्प लेने को कहा।
इससे पहले श्री मोदी ने व्यापार प्रदर्शनी में रूस के भागीदार देश के रूप में शामिल होने पर खुशी जताते हुए कहा कि इससे दोनों देशों के बीच कसौटी पर परखी हुई भागीदारी और मजबूत होगी। प्रधानमंत्री ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर उन्हें याद करते हुए कहा कि उन्होंंने हमें अंत्योदय की राह दिखाई दी थी। उन्होंने कहा कि अंत्योदय में ही सामाजिक न्याय की मजबूती रही है और भारत इसी विकास का माडल दुनिया को दे रहा है। श्री मोदी ने कहा कि अभी देश में फिनटेक सेक्टर की बहुत चर्चा है क्योंकि इसने समावेशी विकास को बढावा दिया है। उन्होंंने कहा कि भारत ने ऐसे प्लेटफार्म बनाये जो सबको साथ लेकर चलते हैं और पूरी तरह समावेशी हैं। उन्होंने कहा कि यूपीआई जैसे प्लेटफार्म सभी को मौका दे रहे हैं सभी इसका इस्तेमाल कर रहे हैं। इसका एक और उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि पीएम स्वनिधि से ठेले वालोंं को भी रिण मिल रहा है। इसी तरह सरकारी खरीद पोर्टल जेम से 25 लाख विक्रेता और सेवा प्रदाता जुड़े हुए हैं। ये सरकार की जरूरत के हिसाब से अपना सामान बेच रहे हैं और सरकार खरीद रही है। उन्होंने इसकी सफलता का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार इस पर 15 लाख करोड रूपये का सामान या सर्विस खरीद चुकी है। इसमें से सात लाख करोड रूपये का समान एमएसएमई से खरीदा गया है।
उन्होंने कहा कि पहले यह सोचना भी असंभव था लेकिन अब दूरदराज के क्षेत्र में बैठका छोटा सा दुकानदार भी सामान बेच रहा है यही अंत्योदय है और विकास का आधार है।
उन्होंंने कहा कि दुनिया भर में अशांति और टकराव की स्थिति के बावजूद भारत 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने के लक्ष्य की ओर बढ रहा है। उन्होंने कहा कि दुनिया भर में अनिश्चिता के बावजूद भारत में बढोतरी हो रही है। उन्होंने कहा कि इस तरह भारत आने वाले दशकों की नींव मजबत कर रहा है । उन्होंने कहा, " आत्मनिर्भर भारत हमारा संकल्प है। दूसरों पर निर्भर होने से ज्यादा विवशता और कुछ नहीं हो सकती । जो जितना निर्भर रहेगा उसे अपनी ग्रोथ के साथ उतना ही समझौता करना पड़ेगा और भारत को किसी पर निर्भर रहना मंजूर नहीं है। जो चीज हम बना सकते हैं वह हमें भारत में ही बनानी होगी। "
श्री मोदी ने कार्यक्रम में मौजूद उद्योगपतियों और अधिकारियों से कहा कि आप सब आत्मनिर्भर भारत के हितधारक हैं और आपको अपना बिजनेस माडल ऐसा बनाना होगा जो आत्मनिर्भर भारत को मजबूती देता हो। उन्होंने कहा कि सरकार मेक इन इंडिया पर बल दे रही है और हम चिप से शिप तक भारत में बनाना चाहते हैं। व्यापार में सुगमता के लिए सरकार ने 40 हजार से ज्यादा अनुपालन और नियम खत्म किये हैं। उन्होंंने कहा कि सरकार आपके साथ कंधे से कंधा मिलाकर चल रही है।
प्रधानमंत्री ने उत्पादों की गुणवत्ता पर बेहद अधिक जोर देते हुए कहा कि देश स्वदेशी का समर्थन करता है और स्वदेशी खरीदना चाहता है लेकिन उसे गुणवत्तापूर्ण और टिकाऊ उत्पाद चाहिए। उन्होंंने उद्योग जगत और व्यापारियों से कहा, " अपेक्षा यह है कि आप जो भी बनाएं वह उत्तम गुणवत्ता का होना चाहिए। लोग स्वदेशी चाहते हैं लेकिन गुणवत्ता से समझौता नहीं होना चाहिए। गर्व से कहो यह स्वदेशी है, व्यापारियों को भी इस मंत्र को अपनाना है। जो देश में उपलब्ध है उसे प्राथमिकता देना है।
श्री मोदी ने अनुसंधान को बढाने पर भी बल देते हुए कहा कि इसके बिना जिंदगी ठहर जाती है। उन्होंने कहा , " समय की मांग है हमें स्वदेशी रिसर्च और डिजायन का पूरा इकोसिस्टम बनाना है। उत्तर प्रदेश निवेश की संभावनाओ से भरा हुआ है। लाजिस्टिक्स बढ रहा है सबसे ज्यादा एक्सप्रेस वे और इंटरनेशनल एयरपोर्ट हैं यहां। यूपी के उत्पाद अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर लोकप्रिय है, विनिर्माण में भी यूपी सबसे आगे है। भारत के कुल में से 55 प्रतिशत मोबाइल यूपी में बनते हैं, सेमीकंडक्टर के क्षेत्र में भी काम शुरू होने वाला है। रक्षा क्षेत्र में भी इकोसिस्टम बनाया जा रहा है। "
उन्होंने विदेशी कंपनियों और उद्योग जगत का आह्वान किया कि वे उत्तर प्रदेश में निवेश और विनिर्माण करें क्योंकि यहां एमएसएमई का मजबूत नेटवर्क है । उन्होंने कहा कि आप उत्तर प्रदेश में पूरा उत्पाद बनायें और केन्द्र तथा राज्य सरकार दोनों आपके साथ हैं।
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें