पूर्व छात्र सम्मेलन गुरुकुल ऋण पूरा करने का आवाहन:सुतावने
ट्रिपल आई के निदेशक प्रो. मुकुल शरद सुतावने ने शनिवार को आयोजित कार्यक्रम के अवसर पर पुरा छात्रों और उनके परिजनों का हार्दिक स्वागत करते हुए कहा कि वे हमेशा ट्रिपल आई टी परिवार का अभिन्न अंग रहेंगे। उन्होंने ''मातृऋण और गुरुकुल ऋण'' की तुलना करते हुए पूर्व छात्रों और संस्थान के बीच आजीवन संबंध को रेखांकित किया। उन्होंने इस मिलन को दीपावली जैसे उत्सव की संज्ञा दी। उन्होंने कहा कि यह घर वापसी कार्यक्रम पुरा छात्रों को उनके छात्र जीवन की यादों से जोड़ता है और संस्थान के साथ उनके रिश्तों को और सुदृढ़ बनाता है।
उन्होंने बताया कि संस्थान पिछले 26वें वर्ष से निरंतर उत्कृष्टता की ओर अग्रसर है। संस्थान ने रिकॉर्ड स्तर की प्लेसमेंट उपलब्धियां हासिल की हैं। साथ ही, न्यू जेन आईईडीसी (उद्यमिता प्रकोष्ठ) के माध्यम से नवाचार और स्टार्टअप संस्कृति को बढ़ावा दिया जा रहा है। अगले कुछ वर्षो में नए महिला और पुरुष छात्रावासों का निर्माण किया जायेगा। एम टेक और एम बी ए कोर्स में व्यापक स्तर पर परिवर्तन करके इसे और सामायिक बनाया जायेगा ।
पुरा छात्रों को संस्थान के ब्रांड एंबेसडर, आंतरिक हितधारकों और इक्विटी धारकों के रूप में मान्यता दी गई है। इस आयोजन को रिश्तों में एक निवेश के रूप में देखा जा रहा है जिसने पुरा छात्रों और ट्रिपल आई टी इलाहाबाद के बीच अटूट बंधन को और मजबूत किया।
पुरा छात्र मामलों के डीन, प्रो. अनुपम अग्रवाल ने सम्मानित अतिथियों और पूर्व छात्रों का परिचय कराया और ट्रिपल आई टी की यात्रा और शुरुआती चुनौतियों के बावजूद अंतर्राष्ट्रीय गुणवत्ता के प्रति उसकी प्रतिबद्धता पर प्रकाश डाला। पुरा छात्र मिलन समारोह, जो एक भौतिक कार्यक्रम के रूप में शुरू हुआ था, चुनौतियों के बावजूद हर साल निर्बाध रूप से जारी जिससे संस्थान की वैश्विक पहुँच का और विस्तार हुआ और साथ ही अपने सर्वोत्तम प्रयासों से इस आयोजन में निरंतर सुधार हुआ।
बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के अध्यक्ष प्रो. भीम सिंह ने सभी पूर्व छात्रों की उपस्थिति, शिक्षकों के साथ उनके पुनः जुड़ाव और संस्थान की प्रगति के अवलोकन के लिए उनके बहुमूल्य समय के लिए आभार व्यक्त किया।उन्होंने संस्थान की यात्रा पर प्रकाश डाला और इसकी सफलता का श्रेय पूर्व छात्रों को दिया, जिन्होंने एक चिरस्थायी अनुभव प्रदान किया है। उन्होंने आगे कहा कि अनुभवी संकाय, सुंदर परिसर और एक महान संस्थान के रूप में इसकी स्थिति के समर्थन से संस्थान का ब्रांड निरंतर मजबूत हो रहा है।
आईआईटी कानपुर के प्रो राम कुमार ने अपने कॉलेज के दिनों के बहुमूल्य अनुभव साझा किए और टीम निर्माण, स्वीकृति और संबंध-निर्माण के महत्व पर प्रकाश डाला—ये गुण अब वे वैश्विक स्तर पर लागू करते हैं। उन्होंने पुरा छात्रों को सलाह दी कि स्वास्थ्य को प्राथमिकता दें, वित्तीय स्थिरता प्राप्त करें, चुस्ती-फुर्ती बनाए रखें और एक खुशहाल जीवन जिएं, साथ ही भावनात्मक कल्याण और सहयोगी मित्रता के महत्व पर भी ज़ोर दें।
एमएनएनआईटी के प्रो एम एम गोरे ने पुरानी यादें साझा किया और कंप्यूटर विज्ञान और सूचना के अलावा विभिन्न संसाधनों से जुड़े रहने के महत्व पर ज़ोर दिया।
यूडिया के सह-संस्थापक और मुख्य प्रौद्योगिकी अधिकारी (सीटीओ) श्री आशीष अग्रवाल और माइक्रोसॉफ्ट एज़्योर के उत्पाद प्रबंधन के पार्टनर निदेशक श्री रोचक मित्तल, दोनों पुरा छात्रो को एआई और क्लाउड सेवाओं में उनके योगदान के लिए सम्मानित किया गया। इस कार्यक्रम में दोनों ने संस्थान के प्रोग्रामिंग और प्रौद्योगिकी के प्रति जुनून को उजागर किया गया हैं।

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