कारोबार की सुगमता के लिये जरुरी इको सिस्टम उत्तर प्रदेश में मौजूद: योगी
लखनऊ, 15 सितंबर (वार्ता) मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को कहा कि व्यवसाय के लिए सुरक्षा, सुगमता और मजबूत इको सिस्टम जरूरी है और यह तीनों आज उत्तर प्रदेश में मौजूद हैं।
सीएसआईआर स्टार्टअप कॉन्क्लेव 2025 के समापन समारोह को संबोधित करते हुये योगी ने कहा कि बीते साढ़े आठ वर्षों में उत्तर प्रदेश फियरलेस बिजनेस का केंद्र उत्तर प्रदेश बन चुका है। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में भी यूपी आज अग्रणी है। अब ‘ट्रस्ट ऑफ डूइंग बिजनेस’ यूपी की नई पहचान है। इस अवसर पर उन्होंने प्रदर्शनी में विभिन्न स्टार्टअप उत्पादों का अवलोकन किया और अपने संबोधन में उत्तर प्रदेश की उपलब्धियों और भविष्य की दिशा को सबके सामने रखा।उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार केवल नीतियां नहीं बना रही, बल्कि युवाओं, उद्यमियों और वैज्ञानिकों के विचारों को पंख दे रही है। सरकार हर योग्य स्टार्टअप के साथ खड़ी है। हम प्रयोगशाला से उद्योग तक युवाओं का साथ दे रहे हैं। हर शोध उत्पाद बने, हर उत्पाद उद्योग बने और हर उद्योग भारत की शक्ति बने। यही विकसित भारत और विकसित यूपी का मंत्र है।
योगी ने कहा कि यहां चारों केंद्रीय प्रयोगशालाओं एनबीआरआई, सीडीआरआई, आईआईटीआर और सीमैप के निदेशकों ने भविष्य की कार्ययोजना प्रस्तुत की है। उन्होंने कहा कि विज्ञान और तकनीक में जितना निवेश होगा, समाज उतना प्रगतिशील बनेगा और वही देश दुनिया का नेतृत्व करेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले 11 वर्षों में भारत में स्टार्टअप इकोसिस्टम तेजी से बढ़ा है। आज भारत में एक लाख 90 हजार स्टार्टअप हैं और हम अमेरिका व ब्रिटेन के बाद तीसरे स्थान पर हैं। प्रधानमंत्री की सोच थी कि युवा जॉब सीकर नहीं, जॉब क्रिएटर बने। उसी संकल्पना को यूपी ने मजबूती से आगे बढ़ाया है।
योगी ने कहा कि प्रदेश में 17 हजार से अधिक स्टार्टअप सक्रिय हैं, जिनमें आठ यूनिकॉर्न शामिल हैं। यहां 72 इनक्यूबेटर्स और सात सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित हो चुके हैं। स्टार्टअप्स को प्रोत्साहन देने के लिए सरकार ने 137 करोड़ रुपये की सहायता भी उपलब्ध कराई है।
.jpg)
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें