गोरखपुर में पिंक कार्ड का बढ़ा चलन, डीएचएस की बैठक में भी हुई चर्चा

गोरखपुर। जिले की चिकित्सा इकाइयों में महिलाओं की स्वास्थ्य जांच के दौरान पिंक कार्ड का चलन बढ़ा गया है। अभी तक करीब चौरासी हजार से अधिक पिंक कार्ड का इस्तेमाल विभिन्न चिकित्सा इकाइयों द्वारा किया जा चुका है। जनपद के इस नवाचार की चर्चा शनिवार को सीडीओ शाश्वत त्रिपुरारी की अध्यक्षता में हुई जिला स्वास्थ्य समिति (डीएचएस) की बैठक के दौरान भी हुई। बैठक के दौरान विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों की समीक्षा के साथ-साथ जिले में चल रहे पिंक कार्ड अभियान पर भी बात हुई। इससे पहले, दिन में बीआरडी मेडिकल कॉलेज के पांच सौ बेड वार्ड में सेवा पखवाड़ा के तहत ‘‘स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार’’ तथा मिशन शक्ति अभियान के अन्तर्गत स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन किया गया। इसमें महिला कर्मियों की स्वास्थ्य जांच कर पिंक कार्ड पर उनका रिकॉर्ड दर्ज किया गया।

डीएचएस की बैठक के दौरान सीडीओ ने इसके पहले की बैठक में दिये गये दिशा-निर्देशों के अनुपालन की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने महिला स्वास्थ्य सम्बन्धित कार्यक्रमों को और मजबूती से चलाने का निर्देश दिया। यह सुनिश्चित करने को कहा गया कि कोई भी बच्चा या गर्भवती नियमित टीकाकरण से वंचित न होने पाए। महिलाओं को शत-प्रतिशत सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ दिया जाए। 

सीएमओ डॉ राजेश झा ने सीडीओ के समक्ष जिले में चल रहे स्वास्थ्य सुदृढ़ीकरण संबंधी प्रयासों की जानकारी भी प्रस्तुत की। उन्हें बताया कि जिले के दस नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों से सैम्पल ट्रांसपोर्टेशन की व्यवस्था की गई है। इससे एलएफटी, केएफटी और थायराइड जैसी जांचें भी इन केन्द्रों पर हो सकेंगी। यहां से सैम्पल जिला अस्पताल के लैब में लाया जाएगा और मरीज को ऑनलाइन रिपोर्ट मिल जाएगी। सीएमओ ने डिजिटल प्रिस्क्रिप्शन की व्यवस्था के बारे में भी बताया और कहा कि मरीजों को नगरीय स्वास्थ्य केन्द्रों से पर्चे बना कर दिए जा रहे हैं ताकि उन्हें जिला अस्पताल में लाइन न लगानी पड़े।

इस दौरान अक्टूबर माह में प्रस्तावित विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान और दस्तक अभियान के प्रभावी संचालन के निर्देश दिये गये। बैठक में विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी, एसीएमओ, डिप्टी सीएमओ और सभी ब्लॉकों के अधिकारी व कंसल्टेंट मौजूद रहे।

इससे पहले, बीआरडी मेडिकल कॉलेज में हुए आयोजन के दौरान महापौर डॉ मंगलेश श्रीवास्तव ने महिलाओं के स्वास्थ्य जांच और पिंक कार्ड की पहल को सराहा। उन्होंने कहा कि स्वस्थ नारी से ही सशक्त समाज की परिकल्पना संभव है। इस दिशा में स्वास्थ्य जांच शिविर महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। इस अवसर पर कॉलेज के प्राचार्य डॉ राम कुमार जायसवाल ने कहा कि स्वास्थ्य के प्रति महिलाओं में जागरूकता का स्तर बढ़ने से ही सशक्त परिवार बन सकेगा। जागरूकता बढ़ने से कई प्रकार की बीमारियों का उन्मूलन हो चुका है और आने वाले समय में गैर संचारी रोगों पर भी नियंत्रण संभव होगा। 

इस दौरान कॉलेज की स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग की अध्यक्ष डॉ रूमा सरकार ने स्वास्थ्य विभाग की भूमिका को सराहा और कहा कि आने वाले समय में और भी शिविर तथा जागरूकता संबंधी कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

सीएमओ डॉ राजेश झा ने कहा कि पिंक कार्ड का उद्देश्य महिलाओं में ओरल कैंसर, गर्भाशय ग्रीवा कैंसर और स्तन कैंसर का पता लगा कर शीघ्र उपचार करना है। इसके जरिए महिलाओं में उच्च रक्तचाप, मधुमेह आदि स्थितियों का भी पता लगा पाना संभव हो पा रहा है।

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