लखनऊ को मिलेगा देश का पहला सार्वजनिक पशु जन्म नियंत्रण प्रशिक्षण केंद्र
लखनऊ, 6 अक्टूबर (वार्ता) आवारा कुत्तों की आबादी के प्रभावी प्रबंधन की दिशा में उत्तर प्रदेश को एक नई पहचान मिलने जा रही है। सोमवार को लखनऊ नगर निगम और ह्यूमेन वर्ल्ड फॉर एनिमल्स इंडिया (पूर्व में ह्यूमेन सोसायटी इंटरनेशनल इंडिया) के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किया गया। यह देश का पहला पशु जन्म नियंत्रण केंद्र (एबीसी सेंटर) होगा।
उच्चतम न्यायालय के अगस्त 2025 के निर्णय में पशु जन्म नियंत्रण कार्यक्रमों को आवारा कुत्तों के प्रबंधन की समग्र रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया गया था। उसी परिप्रेक्ष्य में लखनऊ में स्थापित यह नया केंद्र समय की जरूरत मानी जा रही है। यह केंद्र जारहरा, लखनऊ में बनेगा और पशु चिकित्सकों, सहायक पशु चिकित्सकों, पशु-देखभालकर्ताओं तथा पशु कल्याण संगठनों के लिए एक समर्पित प्रशिक्षण स्थल के रूप में कार्य करेगा। केंद्र में 15-दिवसीय मॉड्यूल्स के माध्यम से सैद्धांतिक और व्यावहारिक प्रशिक्षण दोनों प्रदान किए जाएंगे।प्रशिक्षण में प्रतिभागियों को दयालु तरीके से कुत्तों को पकड़ने की विधि, ऑपरेशन-पूर्व स्वास्थ्य जांच, एनेस्थीसिया प्रोटोकॉल, नसबंदी की तकनीक और ऑपरेशन के बाद की देखभाल जैसे विषयों पर प्रशिक्षण मिलेगा। इसके साथ ही, केनल प्रबंधन, डेटा रिकॉर्डिंग, रिपोर्टिंग, निगरानी और कानूनी अनुपालन के पहलुओं पर भी ध्यान दिया जाएगा। समुदाय के साथ संवाद और सहभागिता की रणनीतियाँ भी पाठ्यक्रम का अहम हिस्सा होंगी, ताकि कार्यक्रम सामाजिक रूप से भी प्रभावी बन सके।
तीन वर्षीय इस समझौते के तहत ह्यूमेन वर्ल्ड फॉर एनिमल्स इंडिया विशेषज्ञों द्वारा संचालित मॉड्यूल तैयार कर प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाएगा, जबकि लखनऊ नगर निगम आवश्यक ढांचा, वाहन और अन्य सुविधाएँ उपलब्ध कराएगा।
डॉ. पियूष पटेल, निदेशक, कंपेनियन एनिमल्स एंड एंगेजमेंट टीम, ह्यूमेन वर्ल्ड फॉर एनिमल्स इंडिया ने कहा कि “पशु जन्म नियंत्रण कार्यक्रम भारत में आवारा कुत्तों की आबादी को सुरक्षित और टिकाऊ तरीके से प्रबंधित करने की कुंजी हैं। लखनऊ केंद्र प्रतिभागियों को ऐसा प्रशिक्षण देगा जो सिर्फ नसबंदी सर्जरी तक सीमित नहीं होगा, बल्कि दयालुतापूर्ण दृष्टिकोण और उच्चतम मानकों पर केंद्रित रहेगा।”
डॉ. अभिनव वर्मा, पशु कल्याण अधिकारी, लखनऊ नगर निगम ने कहा कि “यह प्रशिक्षण केंद्र लखनऊ की दयालुतापूर्ण और सुव्यवस्थित स्ट्रीट डॉग प्रबंधन के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक है। इससे कुशल पेशेवर तैयार होंगे और यह सुनिश्चित होगा कि सभी कार्यक्रम सर्वोच्च पशु कल्याण मानकों के अनुरूप संचालित हों।”

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