अधिवक्ता पर दर्ज एफआईआर के संबंध में गिरफ्तारी पर अंतरिम रोक
न्यायमूर्ति जेजे मुनीर और न्यायमूर्ति संजीव कुमार की पीठ ने यह आदेश दिया है।
याची अधिवक्ता पर फर्रुखाबाद के कोतवाली थाने में मुकदमा दर्ज है। आरोप है कि उन्होंने केस क्राइम संख्या 448/2020 के आरोपी से पांच लाख रुपये की राशि की मांग की ताकि उक्त मामले की शिकायतकर्ता से आरोपी के पक्ष में गवाही द लवाई जा सके। अन्य कई आरोपों में मुकदमा दर्ज है। याची ने गिरफ्तारी पर रोक लगाने और दर्ज मुकदमे को रद्द करने की मांग करते हुए याचिका दाखिल की।
याची अधिवक्ता अमरेंद्र नाथ सिंह ने दलील दी कि अधिवक्ता पर उक्त मुकदमा फर्रुखाबाद की पुलिस अधीक्षक आरती सिंह के इशारे पर दुर्भावनापूर्ण तरीके से दर्ज की गई है। आरोप लगाया कि उच्च न्यायालय ने प्रीति यादव की ओर से दाखिल बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर पुलिस अधीक्षक को तलब करने का आदेश पारित किए जाने के मात्र दो दिन बाद 11 अक्तूबर 2025 को याची पर मुकदमा दर्ज किया।
यह भी आरोप लगाया कि 11 अक्तूबर 2025 की रात 8 . 30 बजे दुर्भावनापूर्ण मुकदमे के आधार पर पुलिस अधीक्षक 100 सिपाहियों के साथ याची के आवास पर छापा मारने गईं। याची की पत्नीए बेटे और नौकर की कथित तौर पर पिटाई की गई। घरेलू सामान को कथित तौर पर नुकसान पहुंचाया गया। कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद अगले आदेश गिरफ्तारी पर रोक लगा दी। रजिस्ट्रार (अनुपालन) को निर्देश दिया गया है कि वे इस आदेश को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेटए फर्रुखाबाद के माध्यम से पुलिस अधीक्षक और एसएचओ कोतवाली को तुरंत सूचित करें।

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