रेलवे स्टेशनों पर गूंज रहे है छठ मईया के गीत

प्रयागराज, 25 अक्टूबर (वार्ता ) आस्था और सूर्य उपासना के महापर्व छठ पर उत्तर मध्य रेलवे ने इस बार यात्रियों के अनुभव को और भी भावनात्मक बना दिया है। प्रयागराज से लेकर झांसी और आगरा मंडल तक के 39 से अधिक रेलवे स्टेशनों पर छठ मइया के पारंपरिक गीतों की गूंज सुनाई दे रही है। प्रयागराज रेलवे के इस अनोखे प्रयास ने न केवल यात्रियों को उत्सव का अहसास कराया है, बल्कि उन्हें बिहार और पूर्वांचल की सोंधी संस्कृति से भी जोड़ा जा रहा है।उत्तर मध्य रेलवे ने छठ पर्व के मद्देनजर यात्रियों की सुरक्षा, सुविधा और सहजता के लिए विशेष इंतजाम किए हैं।
प्रयागराज मंडल के प्रमुख स्टेशन जैसे अलीगढ़, कानपुर सेंट्रल, प्रयागराज जंक्शन, मिर्जापुर, विंध्याचल, मानिकपुर और नैनी सहित झांसी मंडल के ग्वालियर, चित्रकूट, उरई, खजुराहो, तथा आगरा मंडल के आगरा कैंट, मथुरा और धौलपुर स्टेशनों पर छठ के पारंपरिक गीत बजाए जा रहे हैं।जब यात्रियों की ट्रेनें प्लेटफॉर्म पर पहुंचती हैं, तो स्टेशन उद्घोषणा प्रणाली से बजते गीत " मंगला हम वरदान हे गंगा मइया", "केलवा के पात पर उगेलन सुरुजदेव"यात्रियों के दिलों को छू जाते हैं। कई महिला यात्री इन गीतों को गुनगुनाती रही हैं। यह पहला मौका है जब भारतीय रेल ने स्टेशन उद्घोषणाओं में लोकगीतों को शामिल कर संस्कृति और सेवा का संगम प्रस्तुत किया है।
छठ पर्व के दौरान यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए रेलवे ने अतिरिक्त टिकट काउंटर, यात्री सहायता केंद्र और बूथ की व्यवस्था की है। साथ ही, 139 हेल्पलाइन पर मदद मांगने पर तुरंत टीटीई, डॉक्टर या मेडिकल टीम को भेजा जा रहा है। सुरक्षा के लिए प्रयागराज, झांसी और आगरा मंडलों में डिविजनल वॉर रूम स्थापित किए गए हैं, जहां आरपीएफ, रेल मदद और वाणिज्य विभाग की टीमें चौबीसों घंटे निगरानी कर रही हैं।रेलवे के इस प्रयास ने यात्रियों के सफर को सिर्फ यात्रा नहीं, बल्कि एक आध्यात्मिक अनुभव बना दिया है। स्टेशन परिसर में गूंजते छठ गीत, यात्रियों की मुस्कान और रेलवे कर्मियों की तत्परता यह सब मिलकर आस्था, संस्कृति और सेवा का अद्भुत संगम रच रहे हैं।

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