मौलिकता को बचाते हुए लोक संगीत में नवाचार जरूरी: मालिनी अवस्थी

प्रयागराज, (दिनेश तिवारी) लोक गायिका पद्मश्री मालिनी अवस्थी ने कहा कि लोक संगीत में नवाचार को हैं। उनका कहना है कि परंपरा से जुड़े रहकर मौलिकता को बचाते हुए ऐसा नवाचार मंचीय प्रस्तुति में दिखना चाहिए  जिससे उत्तर प्रदेश के लोक संगीत का पताका विश्व में लहराए।

प्रयाग संगीत समिति के प्रेक्षागृह में आयोजित लोक संस्कृति उत्सव में आईं पद्मश्री मालिनी अवस्थी ने  कहा कि परंपरा को आगे चलाने के लिए युवा पीढ़ी को इससे जोड़ा जाए जिससे  वे माटी की ताकत पहचानें। उन्होंने कि अपने प्रदेश का लोक संगीत ऐसा है कि अब पुरुषों के गीत महिलाएं गा रही हैं। उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश के लोक साहित्य में जो विद्या नहीं तो फिर वह कहीं नहीं और समृद्ध भी नहीं है।

उन्होंने कहा कि नवाचार में इस बात का ध्यान रखा जाना चाहिए कि धुनों और शब्दों में विकृति न आए, गीत का साहित्य और बोल न बदलें। लोक गीत-लोक संगीत के भाव मौलिक रहने चाहिए। हम जीवन, मरण, खुशी, गम आदि मौकों पर लोक गीत और संगीत के माध्यम से प्रस्तुतीकरण रोचक करने का नवाचार कर रहे हैं। जरूरी है कि लोक गीत और संगीत को युवाओं की पसंद का बनाया जाए। अपने प्रदेश में हम यह कर पा रहे हैं।

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