इलाहाबाद विश्वविद्यालय मे छात्रों का प्रदर्शन
इस बात से नाराज छात्र मंगलवार सुबह विश्वविद्यालय के मुख्य गेट पर पहुंचे और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करने लगे | छात्रों ने विश्वविद्यालय का मुख्य द्वार बंद कर वहीं धरना प्रदर्शन करने लगे |
छात्र “सुरक्षाकर्मी को निलंबित करो, गुंडागर्दी बंद करो, जो हिटलर कि चाल चलेगा, वो हिटलर कि मौत मरेगा” का नारे लगा रहे थे | स्थिति बिगड़ने कि आशंका को देखते पुलिस फोर्स मौके पर तैनात कर दी गई | छात्रों कि माग है कि छात्र कि पिटाई करनेवाले सुरक्षाकर्मी कि के खिलाफ कारवाई करे |
डिप्टी चीफ प्राक्टर डाक्टर अतुल नारायण सिंह मौके पर पहुचे और छात्रों से बातचीत की , लेकिन छात्र सुरक्षाकर्मी पर कार्रवाई को लेकर अड़े रहे | इसके बाद चीफ प्राक्टर राकेश सिंह भी मौके पर पहुच गए | उनकी छात्रों से कहासुनी हुई |
छात्र चंद्र प्रकाश ने बताया कि 13 अकतूबर को दिशा छात्र संगठन से जुड़े कुछ छात्र विश्वविद्यालय परिसर मे परिचर्चा कर रहे थे | तभी 5-6 सुरक्षाकर्मी वहाँ पहुंचे और छात्रों को धमकाने लगे और आई कार्ड मांगने लगे | दिशा के सदस्यों ने इसका विरोध किया त सुरक्षकर्मिऑ ने प्रकटोर को बुलाने कि धमकी दी | इस दौरान अन्य छात्र भी एकट्ठा हो गए , जिसके बाद सुरक्षाकर्मी वहाँ से चले गए | अगले दिन दिशा संगठन के कार्यकर्ता विश्वविदलय मे पर्चे बाँट रहे थे, तभी सुरक्षाकर्मी फिर वहाँ पहुचे और छात्रों से बदसलूकी की | इस पर सुरक्षाकर्मी ने संगठन के एक सदस्य का कलर पकड़कर धक्का दे दिया |
डिप्टी चीफ प्रॉक्टर डाक्टर अतुल नारायण सिंह ने बताया कि चंद्र प्रकाश परास्नातक मे अनुत्तीर्ण छात्र रहा है और वर्तमान मे वह विश्वविद्यालय का नियमित छात्र नहीं है | उन्होंने बताया कि 16 अक्टूबर को उसे सोशल मीडिया पर उसे झूठी और भ्रामक सामग्री प्रसारित कर विश्वविद्यालय की गरिमा को नुकसान पहुंचाने तथा एफ सी आई बिल्डिंग मे चल रही स्नातक कक्षाओं को चार घंटे तक बाधित करने के कारण परिसर मे प्रवेश से प्रतिबंधित कर दिया था | आज उस प्रतिबंध के बावजूद चंद्र प्रकाश अपने तीन मित्रों के के साथ पी यू सी गेट पर सुरक्षा गार्डों ने रोका तो वह दोस्तों के साथ मोटरसाइकिल से जबरन परिसर मे प्रवेश किया| सुरक्षाकर्मियों ने अपने दायित्वों का पालन किया |

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