दलितों के साथ दोयम दर्जे का व्यवहार “ चंद्र शेखर

प्रयागराज, (दिनेश तिवारी ) आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और नगीना से सांसद चंद्रशेखर आजाद रावण  ने रविवार को कहा कि दलितों के साथ दोयम दर्जे का व्यवहार इस सरकार मे हो रहा है | उनका दर्द पूछने वाला कोई नहीं है | 

उत्तर प्रदेश में आजाद समाज पार्टी की तरफ से कदिलापुर गांव मे आखिरी प्रबुद्ध जन सम्मेलन मे लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि आज देश में भी जिस तरीके का माहौल है वह छुपा हुआ नहीं है| दलितों के साथ दोयम दर्जे का व्यवहार इस सरकार मे हो रहा है | उनका दर्द पूछने वाला कोई नहीं है | उनके आँसू पोंछने वाला कोई नहीं है | मेरे भाइयों कि पीठ पर लठिया बरस रही है |दलितों पर अत्याचार हो रहा है | रायबरेली  मे युवक कि पीट पीट कर हत्या कर दी गई | इससे साबित होता है कि  यूपी  मे दलितों कि क्या हैसियत है |

उन्होंने बसपा सूप्रीमो  सुश्री मायावती पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्होंने मुख्यमंत्री कि तारीफ की |  एसा लगता है डरी है, लगता है उनको डराया जा रहा है | आज दलितों पर अत्याचार हो रहा है और एसी सरकार कि तारीफ कि जा रही है |

नगीना के संसद ने कहा कि लंबे समय से हम लोग हाथ फैला  रहे है | हम लोग खुद को तैयार नहीं करेंगे तो ये मांगने कि प्रक्रिया अभी 100 साल तक रुकने वाली नहीं है , इसलिए हमे तय करना पड़ेगा  कि हमे मांगने वाला बनना  है या देने वाला बनना है | संबिधान ने सब कुछ हमारे हाथ मे रख दिया है } अगर हम बेहतर  पढ़ाई कर अच्छे पदों पर आसीन होते है तो जिलों के साथ प्रदेश कि कमान संभाल सकते है |

उन्होंने कहा कि अगर हमारी पढ़ाई अव्वल रही तो हम देश भी चल सकते है | हमे अपने वोट तैयार करने होंगे } जनमत तैयार कर ले, आपसी भाईचारा कायम कर ले  तो वह दिन दूर नहीं जब हम विधायक और सांसद और भी बड़े पदों पर बैठे दूर रह सके | तब हम अपने लोगों के असुओ को पोंछ  सकते है |

 श्री नगीना चंद्र शेखर ने कहा कि अगर हमे  इस सरकार से न्याय कि उम्मीद नहीं करनी चाहिए | अगर हम न्याय कि उम्मीद करते है तो यह हमारी सबसे बड़ी गलत फहमी है | यह सरकारे चाहती है  हम संवैधानिक रास्ता छोडकर लाठी-दंड का प्रयोग करे | अगर हम कानून अपने हात मे लेंगे तो  हमे गोली मरने, मुकदमा लिखने, और जेल  भेजना आससन हो जाएगा| जब हम निर्दोष होते है तो जेल भेजे जाते है, अगर कानून अपने हाथ मे लेंगे तब क्या होगा, सोचिए |

उत्तर प्रदेश में बहुत सारी चिंताएं हैं और देश में भी जिस तरीके का माहौल है वह छुपा हुआ नहीं है , चीफ जस्टिस ऑफ़ इंडिया को चाहे जूता फेंकना हो , वह जूता चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया के ऊपर नहीं पड़ा वह जूता पूरे दलित पिछड़े और बहुजन समाज पर पड़ा है| 

उन्होंने कहा कि  आज की खोखली सरकारों के बड़े-बड़े वादों का परिणाम है|  एडीजी रैंक के धिकारी वाइ पूरन सिंह ने सुसाइड किया मैं कल वहां गया था, क्यों सुसाइड किया क्योंकि उनको झूठे मुकदमे में फंसा के अपमानित करने का प्रयास किया जा रहा था  , कोई व्यक्ति सुरक्षित नहीं है| आज उत्तर प्रदेश में बहुत सारी चिंताएं हैं और देश में भी जिस तरीके का माहौल है वह छुपा हुआ नहीं है|

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