श्यामजी के साहस, समर्पण और सेवाभाव को सदैव श्रद्धापूर्वक याद किया जाएगा : मोदी

नयी दिल्ली 04 अक्टूबर (वार्ता) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने स्वतंत्रता सेनानी श्यामजी कृष्ण वर्मा को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए स्वतंत्रता संग्राम के प्रति उनके अटूट समर्पण को याद किया है। श्री मोदी ने शनिवार को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा कि आजादी के आंदोलन में श्यामजी के साहस, समर्पण और सेवाभाव को सदैव श्रद्धापूर्वक याद किया जाएगा। उन्होंने कहा कि उनकी वीरता और निर्भीकता की गाथा विकसित भारत के निर्माण के लिए भी एक बड़ी प्रेरणाशक्ति है। प्रधानमंत्री ने कहा , " सभी देशवासियों की ओर से भारत माता के कर्मठ सपूत श्यामजी कृष्ण वर्मा को उनकी जयंती पर आदरपूर्ण श्रद्धांजलि। आजादी के आंदोलन में उनके साहस, समर्पण और सेवाभाव को सदैव श्रद्धापूर्वक स्मरण किया जाएगा। उनकी वीरता और निर्भीकता की गाथा विकसित भारत के निर्माण के लिए भी एक बड़ी प्रेरणाशक्ति है।"

श्री मोदी ने एक अन्य ट्वीट में उस ऐतिहासिक पहल को भी याद किया जब करीब दो दशक पहले गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में अगस्त 2003 में वह स्विटजरलैंड के जिनेवा से श्यामजी वर्मा की अस्थियों को भारत लाये थे। श्री मोदी ने कहा कि इस पहल से श्यामजी की दीर्घकालिक इच्छा पूरी हुई थी।
श्यामजी कृष्ण वर्मा का 1930 में जिनेवा में निधन हो गया था। उन्होंने कहा कि इस पहल ने माँ भारती के एक साहसी सपूत की स्मृति को सम्मानित किया और अपने स्वतंत्रता संग्राम की विरासत को संरक्षित करने के लिए भारत की प्रतिबद्धता की पुष्टि की।
प्रधानमंत्री ने आशा व्यक्त की कि अधिक से अधिक भारतीय युवा श्यामजी कृष्ण वर्मा के जीवन, न्याय के प्रति उनके निडर प्रयास और भारत की स्वतंत्रता के प्रति उनके अटूट समर्पण के बारे में पढ़ेंगे।
प्रधानमंत्री ने 'मोदी आर्काइव हैंडल' द्वारा सोशल मीडिया पर श्यामजी वर्मा की अस्थियों को स्वदेश लाये जाने के बारे में की गयी सिलसिलेवार पोस्ट का जवाब देते हुए कहा," यह थ्रेड लगभग दो दशक पहले किए गए एक अत्यंत संतोषजनक प्रयास पर प्रकाश डालता है, जिससे श्यामजी कृष्ण वर्मा की एक इच्छा पूरी हुई है और माँ भारती के एक साहसी सपूत को सम्मान मिला है। और भी युवा उनकी महानता और वीरता के बारे में पढ़ें!"

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