सी जे आई पर हमले के विरोध मे उच्च न्यायालय के अधिवक्ताओं का प्रदर्शन
मंच ने इस घटना को सिर्फ एक व्यक्तिगत हमले के रूप मे नहीं बल्कि भारत के संवैधानिक ढांचे, न्यायपालिका और कानून के शासन पर हमला करार दिया | अधिवक्ता मंच ने कहा कि अदालत के भीतर किसी भी व्यक्ति द्वारा मुख्य न्यायाधीश पर जूता उछालना न सिर्फ न्यायिक मर्यादा का उल्लंघन है बल्कि यह संवैधानिक लोकतंत्र के लिए भी खतरनाक संकेत है |
मंच के प्रतिनिधियों ने अरोप लगाया कि यह घटनाक्रम सत्ताधारी दल की जातिवादी और सांप्रदायिक नीतियों से उपजे वातावरण का परिडाम है, जिसमे बड़े से बड़े पदों पर बैठे व्यक्ति भी धार्मिक और जातीय उन्माद का शिकार बन रहे है | अधिवक्ता मंच ने मांग की है कि इस घटना कि उच्च स्तरीय, निसपक्ष और स्वतंत्र जांच हो, ताकि आरोपित का सही ढंग से बुराई का निर्धारण हो सके बल्कि किसी भी तरहके साजिशी टंट कि भी पड़ताल कि जा सके |
प्रदर्शन मे शामिल अधिवक्ताओं ने सरकारी और पुलिस अधिकारियों से अविलंब कार्रवाई की अपील की तथा यह चेतावनी भी दी कि यदि जल्द और पारदर्शी कार्रवाई नहीं हुई तो आगामी कानूनी और लोकतान्त्रिक कदम उठाए जाएंगे|

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