बाहर से न लिखी जाए कोई जांच, तुरंत दी जाए सूचना-सीएमओ
सीएमओ डॉ झा ने बताया कि कार्यशाला का उद्देश्य आभा आईडी और पैथालॉजिकल रिपोर्टिंग के इंटीग्रेटेड सेवा को लागू करने के लिए सभी को दक्ष बनाना भी है। पीओसीटी क्वालिटी एंड स्किल डेवलपमेंट फाउंडेशन के सहयोग से आयोजित कार्यशाला के दौरान इंफेक्शन कंट्रोल की खासतौर से जानकारी दी गई। सीएमओ ने सभी प्रतिभागियों से कहा कि सुनिश्चित करें कि निजी पैथालॉजी सेंटर्स से बेहतर जांच सेवाएं सरकारी अस्पतालों से दी जाएं। अगर कोई जटिल जांच उपलब्ध नहीं है तो मरीज की जांच को निजी अस्पताल में भेजने के स्थान पर मरीज को उच्च चिकित्सा केंद्र संदर्भित कर दें। जो स्वास्थ्यकर्मी प्रशिक्षित हुए हैं वह अपने अन्य सहयोगी कर्मियों को प्रशिक्षित करें और इस व्यवस्था को मजबूत बनाने में मदद करें।
सीएमओ ने कार्यशाला में शामिल हुए प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र भी वितरित किए। सभी को निर्देशित किया कि अगर किसी भी जांच की मशीन खराब होती है तो तुरंत इसकी सूचना दी जाए। निरीक्षण के दौरान यह शिकायत नहीं मिलनी चाहिए कि मशीन खराब होने के कारण जांच नहीं हो पा रही है। इस अवसर पर डीपीएम पंकज आनंद और डीसीपीएम रिपुंजय पांडेय सहित जिले भर से स्वास्थ्यकर्मी मौजूद रहे।
कार्यकारी समिति की बैठक में भी दिया निर्देश
सीएमओ की अध्यक्षता में पिछले दिनों जिला स्वास्थ्य समिति की कार्यकारी समिति की बैठक के दौरान भी सीएमओ ने उपकरणों की क्रियाशीलता सहित कई अहम निर्देश दिए। सीएमओ ने कहा कि अस्पतालों में जिन उपकरणों के निर्माण या रिपेयरिंग की आवश्यकता है उनका गैप एनॉलिसिस कर तीन दिन के भीतर सूचना उपलब्ध करवा दें। बैठक में उन्होंने विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों की समीक्षा की और त्योहारों को देखते हुए सभी चिकित्सा इकाइयों पर आवश्यक प्रबंध करने के निर्देश दिए।

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