वंदे मातरम एक महामंत्र है : श्रीमाली
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) द्वारा पूरे देश में उत्साह एवं उल्लास के साथ वंदेमातरम गीत के गायन का आयोजन किया गया| इस अवसर पर ऐतिहासिक सुभाष चौराहे पर उन्होंने कहा कि “बंकिमचंद्र चटर्जी” द्वारा रचित गीत ने भारत को अंग्रेजों के गुलामी की बेड़ियों से मुक्त कराने के लिए अग्रणी भूमिका रही है , जो लोगों में ऊर्जा प्रदान करने का सशक्त माध्यम बना | भारतवासी सदैव इस गीत , इसके रचयिता पूज्य बंकिमचंद्र चटर्जी का सदा ऋणी रहेगा।|
श्री श्रीमाली ने कहा कि उन्होंने कहा कि “वंदे मातरम” शब्द एक मंत्र है, एक ऊर्जा है, एक स्वप्न है, एक संकल्प है। वंदे मातरम, ये शब्द मां भारती की साधना है, मां भारती की आराधना है।
प्रयागराज महानगर के अध्यक्ष संजय गुप्ता ने कहा कि 7 नवम्बर 1875 को बंकिमचंद्र चटर्जी द्वारा रचित गीत संकल्प से सिद्धि का मंत्र है। उसका एक-एक शब्द कार्यकर्ताओं में ऊर्जा , प्रेरणा और राष्ट्रभक्ति का जोश भर देता है।
उन्होंने कहा कि इस गीत की रचना गुलामी के कालखंड में हुई, लेकिन इसके शब्द कभी भी गुलामी के साए में कैद नहीं रहे। वे गुलामी की स्मृतियों से सदा आजाद रहे। इसी कारण ‘वंदे मातरम’ हर दौर में, हर काल में प्रासंगिक है। इसने अमरता को प्राप्त किया है।
श्री गुप्ता ने कहा कि 7 नवम्बर को वंदे मातरम गीत के 150 वर्ष पूरे होने पर कार्यकर्ताओं द्वारा हाथ में तिरंगा और माँ भारती की जय बोलने से पूरा वातावरण देशभक्ति से ओतप्रोत रहा।
कार्यक्रम में पूर्व सांसद डा. रीता बहुगुणा जोशी , पूर्व कैबिनेट मंत्री डॉ. नरेंद्र सिंह गौड़ , महापौर गणेश केसरवानी , विधायक ई. हर्षवर्धन वाजपेयी , पूर्व महापौर अभिलाषा गुप्ता नंदी , पूर्व उप महापौर मुरारी लाल अग्रवाल , क्षेत्रीय उपाध्यक्ष अवधेश गुप्ता , पूर्व जिलाध्यक्ष विनोद प्रजापति और छात्र-छात्राएं , अधिवक्ता तथा बड़ी संख्या मे अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।

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