गोद लिये गये टीबी उपचाराधीन मरीज, आरबीएसके कार्यक्रम की हुई वृहद समीक्षा

गोरखपुर। जिले में सीएमओ डॉ राजेश झा ने शनिवार को विविध स्वास्थ्य गतिविधियों में हिस्सा लिया और आवश्यक दिशा-निर्देश दिये। जिला क्षय रोग केन्द्र में उनकी मौजूदगी में टीबी उपचाराधीन मरीजों को गोद लिया गया । उन्होंने जिले में शुरू हुए पुरुष नसबंदी पखवाड़े और टीबी मुक्त पंचायत कार्यक्रम को लेकर सीएचओ का अभिमुखीकरण किया। साथ ही राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) की वृहद समीक्षा करते हुए डॉ झा ने गंभीर बीमारियों से पीड़ित बच्चों का सम्पूर्ण उपचार व फॉलो अप कराने का निर्देश दिया।
आरबीएसके की समीक्षा करते हुए सीएमओ ने कहा कि हमारा प्रयास होना चाहिए कि ह्रदय रोग, क्लब फुट, कटे होंठ व तालू, जन्मजात मूक बधिर बच्चों सहित विभिन्न बीमारियों से पीड़ित बच्चों को समय से चिन्हित करें। न केवल उन बच्चों को चिन्हित करना है बल्कि उपचार के हर स्तर पर उनकी मदद करनी है। कोशिश यह होनी चाहिए कि बच्चे को उपचार के लिए उसी स्तर की चिकित्सा इकाई पर ले जाएं जहां ले जाने की आवश्यकता है। बेवजह हायर सेंटर रेफर नहीं करना है। साथ ही कोशिश हो कि यथासंभव बच्चों को जिले से बाहर न भेज कर उनका एम्स गोरखपुर और बीआरडी मेडिकल कॉलेज स्तर पर उपचार हो। सीएमओ ने कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ एके चौधरी और डीईआईसी मैनेजर डॉ अर्चना के साथ मिल कर बिंदुवार समीक्षा की।

जिला क्षय रोग केन्द्र में सीएमओ डॉ झा की मौजूदगी में ग्रोथ वेल फाउंडेशन ने पचीस टीबी उपचाराधीन मरीजों को गोद लिया। इसी क्रम में निजी चिकित्सक डॉ वीएन अग्रवाल ने भी शनिवार को ही पांच टीबी मरीजों को गोद लिया। इस दौरान जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ नंदलाल कुशवाहा ने बताया जिले में इस समय दो हजार आठ सौ सोलह निक्षय मित्र नौ हजार सात सौ अड़सठ उपचाराधीन टीबी मरीजों को गोद लेकर उनकी देखभाल कर रहे हैं। इन मरीजों को निक्षय मित्र द्वारा प्रत्येक माह पोषण पोटली दी जाती है। साथ ही उन्हें नियमित दवा सेवन के लिए प्रेरित किया जाता है। एडॉप्शन कार्यक्रम में उप जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ विराट स्वरूप श्रीवास्तव, डीपीसी धर्मवीर प्रताप सिंह, पीपीएम समन्वयक अभय नारायण मिश्रा, मिर्जा आफताब बेग, एसटीएस और सभी स्टॉफ सहयोग कर रहे हैं।

सीएमओ डॉ झा ने बताया कि जिले के सभी सीएचओ का टीबी मुक्त पंचायत और पुरुष नसबंदी पखवाड़े को लेकर वर्चुअल माध्यम से अभिमुखीकरण किया गया है। उनसे अपील की गई कि इस साल के अंत तक जिले में टीबी उन्मूलन के लक्ष्य को सफल बनाएं। साथ ही आशा और एएनएम की मदद से अधिकाधिक पुरुषों को नसबंदी के लिए प्रेरित करें। सीएमओ ने बताया कि उप जिला स्वास्थ्य शिक्षा एवं सूचना अधिकारी सुनीता पटेल, डीपीएम पंकज आनंद, डीसीपीएम रिपुंजय पांडेय व फैमिली प्लानिंग लॉजिस्टिक मैसेजर अवनीश चंद्र की मदद से पखवाड़े को सफल बनाने के लिए वृहद कार्ययोजना पर काम हो रहा है। शुक्रवार को जिला स्तर से सारथी वाहन रवाना किए गए हैं। पूरे जिले में करीब 59 सारथी वाहन चला कर लोगों को पुरुष नसबंदी के प्रति जागरूक किया जाएगा। राज्य से प्राप्त दिशा-निर्देशों के अनुसार 27 नवम्बर तक मोबिलाइजेशन पखवाड़ा चलाया जा रहा है और उसके बाद चार दिसम्बर तक सेवा प्रदायगी पखवाड़ा होगा जिसमें फोकस कर पुरुष नसबंदी सेवाएं दी जाएंगी। हमारा पूरा जोर पुरुष नसबंदी के प्रति व्याप्त मिथक एवं भ्रांतियों को दूर करने पर होगा।

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