डा. आदिल के करीबियों की तलाश में जुटी पुलिस, छुट्टी पर गए दोनों चिकित्सक ड्यूटी पर लौटे

सहारनपुर, 12 नवंबर (वार्ता) छह नवंबर की रात्रि में यहां के फेमस मेडिकेयर होस्पीटल के कंसलटिंग फिजिशियन की थाना कुतुबशेर क्षेत्र के मानकमऊ स्थित अमन विहार कालोनी की मस्जिद वाली गली से जाकिर के मकान पर किराए पर रह रहे डा. आदिल अहमद राथर के करीबियों की पुलिस और खुफिया एजेंसियां सरगर्मी के साथ तलाश में जुटी हैं। इस मकान पर उनकी गिरफ्तारी के बाद से ताला लगा हुआ है।

डा. आदिल अहमद को यह मकान अस्पताल में उनके सहयोगी डा. बाबर ने दिलवाया था। डा. बाबर पास के कस्बा सरसावा के रहने वाले हैं। वह अन्य साथियों के साथ चार अक्टूबर को डा. आदिल अहमद की श्रीनगर में डा. रूकैया के साथ हुए शादी समारोह में भाग लेने भी गए थे। फेमस मेडिकेयर के एमडी मनोज मिश्रा ने यूनीवार्ता को बताया कि उन्होंने शुरूआती जांच के बाद अस्पताल के दो सीनियर चिकित्सकों डा. बाबर और डा. असलम जैदी (रूढ़की) को वापस ड्यूटी पर बुला लिया है। इन दोनों डाक्टरों से पुलिस और खुफिया एजेंसियों ने पूछताछ की थी। दोनों ने पुलिस को पूरा सहयोग दिया और कुछ भी संदिग्ध नहीं पाया गया।
डा. बाबर ने अस्पताल में आज मीडिया से बातचीत भी की। उन्होंने कहा कि डा. आदिल अहमद ने अस्पताल के स्टाफ के कुछ लोगों को शादी के कार्ड दिए थे। वह अन्य लोगों के साथ शादी में कश्मीर गए भी थे। उन्होंने कहा कि डा. आदिल अहमद किसी भी तरह से संदिग्ध आतंकी की तरह ना दिखते थे और ना ही कोई आपत्तिजनक व्यवहार करते थे। उनके सब जगह बतौर चिकित्सक रजिस्ट्रेशन हो रखे थे उसी आधार पर उनकी यहां 20 मार्च से नियुक्ति हुई थी।
मनोज मिश्रा ने कहा कि ये सहारनपुर में उत्पन्न हालात से हताश, निराश और खिन्न हैं। उन्होंने सहारनपुर छोड़ने का निर्णय लिया है। उनके पास काफी अन्य जिम्मेदारियां हैं। वे यहां नहीं रहेंगे।
पत्रकारों ने आदिल के किराए के मकान के आसपास के लोगों से गहन पूछताछ कर जो जानकारियां ली हैं। उसमें यह बात सामने आई है कि रात्रि के समय डा. आदिल से मिलने आठ-नौ लोग आते थे और उनके लिए वह आनलाइन खाना मंगाते थे। उस इलाके में सीसीटीवी कैमरे नहीं लगे होने के कारण पुलिस प्रशासन के लिए यह जानना और अनुमान लगाना मुश्किल है कि डा. आदिल के संपर्क कौन लोग थे। डा. आदिल ने अपनी गिरफ्तारी के बाद कश्मीर की श्रीनगर पुलिस को अपने फरीदाबाद, लखनऊ और सहारनपुर संपर्कों के बारे में सूचित किया था। उसी आधार पर फरीदाबाद से कई गिरफ्तारियां अमल में आईं।
फरीदाबाद से गिरफ्तार उनकी करीबी महिला चिकित्सक डा. शाहिन सईद अंसारी के छोटे भाई डा. परवेज अंसारी का नाम प्रकाश में आया जिनको लखनऊ पुलिस ने कल उनके आवास से गिरफ्तार किया था। डा. परवेज अंसारी ने वर्ष 2021 के आसपास सहारनपुर के देहरादून चौक पर लंबे समय तक अपने निजी क्लीनिक में प्रेक्टिस की थी। बाद में वे यहां से लखनऊ चला गया था। डा. परवेज अंसारी के पास से जो आल्टो कार यूपी-11 बीडी-3563 सहारनपुर के देहात कोतवाली के गांव चकदेवली निवासी शोएब से दो लाख बीस हजार रूपए में खरीदी थी।
डा. परवेज अंसारी के क्लीनिक पर काम करने वाले युवक शनि के जरिए इस कार की बिक्री हुई थी। यह अजीब इत्तफाक है कि डा. परवेज अंसारी, उसकी बहन डा. शाहिन सईद अंसारी और श्रीनगर कश्मीर के अनंतनाग निवासी चिकित्सक डा. आदिल अहमद का सहारनपुर से कनेक्शन सामने आया है। जाहिर है हाल ही में पकड़े गए चिकित्सकों के इस समूह का संबंध जैस-ए-मोहम्मद के सरगना अजहर मसूद से जुड़ा।

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