पर्यावरण और स्वास्थ्य के प्रति समाज को जागरूक बनायें - राज्यपाल
उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय के 27 वें स्थापना दिवस समारोह में रविवार को वर्चुअल माध्यम से जुड़ी उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं कुलाधिपति श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने कहा कि हमें पर्यावरण और स्वास्थ्य के प्रति समाज को जागरूक बनाना है। हमें स्वदेशी अपनाकर आत्मनिर्भर बनना है। गौरवशाली भारतीय ज्ञान परंपरा को उजागर कर पुनर्स्थापित करना है।
राज्यपाल ने कहा कि अपने विकास क्रम में उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय प्रसार कार्यों के निर्वहन, सामाजिक सरोकारों एवं जन जागरूकता के प्रति निरंतर सजग एवं संवेदनशील है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में ग्रामीण जनता विशेषकर ग्रामीण महिलाओं, आंगनबाड़ी आदि तक उच्च शिक्षा की पहुंच को व्यापक बनाने की आवश्यकता है, जिसके लिए राजभवन से लगातार प्रेरित किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि कहा कि विश्वविद्यालय को विश्व, देश और समाज की वर्तमान चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए बिना रुके, बिना थके पूरे जोश के साथ आगे बढ़ना होगा।
समारोह के मुख्य अतिथि प्रोफेसर प्रदीप साहनी, पूर्व आचार्य, लोक प्रशासन, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय नई दिल्ली ने भारतीय ज्ञान परंपरा पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि वेद, धर्म को शासन की नींव के रूप में महत्व देते हैं। ब्रह्मांडीय व्यवस्था सत्य और नैतिक कर्तव्य को बढ़ावा देती हैं। रामायण के राम को एक न्यायप्रिय शासक के रूप में धर्म के पालन को दर्शाती है ,जबकि भागवत गीता निस्वार्थ कर्म और व्यापक हित के लिए कर्तव्य पर जोर देती है । प्रोफेसर साहनी ने कहा कि इसी प्रकार गुरु ग्रंथ साहिब समानता और सेवा पर ध्यान देती है। जाति,लिंग या अमीरी गरीबी के आधार पर सामाजिक पदानुक्रम और भेदभाव का विरोध करती है तथा लंगर और सेवा के माध्यम से सामुदायिक कल्याण पर जोर देती है। उन्होंने कहा कि गीता द्वारा प्रदान किए गए अनुशासित और सक्षम नेतृत्व के माध्यम से कुशल कार्य को सुगम बनाया जा सकता है ।
विशिष्ट अतिथि डॉ. नरेंद्र कुमार सिंह गौर, पूर्व कैबिनेट मंत्री उच्च शिक्षा, उत्तर प्रदेश सरकार ने विश्वविद्यालय की स्थापना के ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि शिक्षा पर गुणवत्ता के साथ कोई समझौता नहीं होना चाहिए।परीक्षा में शुचिता बनाए रखी जानी चाहिए। उन्होंने स्थापना दिवस समारोह के अवसर पर विश्वविद्यालय की गरिमा को आगे बढ़ाने का संकल्प लेने का आह्वान किया।

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